ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
भारत की राजधानी नई दिल्ली अगले सप्ताह एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय बैठक की मेजबानी करने जा रही है। 26 मई को QUAD देशों के विदेश मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होगी, जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष राजनयिक शामिल होंगे। जापान के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी आधिकारिक जानकारी दी। मंत्रालय के अनुसार जापान के विदेश मंत्री Toshimitsu Motegi तीन दिवसीय भारत दौरे पर नई दिल्ली आएंगे और QUAD बैठक में हिस्सा लेंगे।
QUAD क्या है और क्यों अहम है?
QUAD यानी Quadrilateral Security Dialogue एक रणनीतिक समूह है, जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। यह समूह हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से काम करता है। पिछले कुछ वर्षों में QUAD का महत्व तेजी से बढ़ा है। खासकर चीन की बढ़ती आक्रामकता और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बदलते हालातों के कारण यह मंच वैश्विक राजनीति में बेहद अहम माना जा रहा है।
जयशंकर करेंगे बैठक की अध्यक्षता
नई दिल्ली में होने वाली इस बैठक की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar करेंगे। बैठक में अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री Penny Wong और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी शामिल होंगे। सूत्रों के मुताबिक, जयशंकर की सभी नेताओं के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी हो सकती हैं, जिनमें कई अहम रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
चीन और हिंद-प्रशांत क्षेत्र रहेगा मुख्य मुद्दा
इस बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और चीन की बढ़ती गतिविधियां प्रमुख चर्चा का विषय रहेंगी। पिछले कुछ समय में दक्षिण चीन सागर और आसपास के इलाकों में चीन की सैन्य गतिविधियों ने कई देशों की चिंता बढ़ाई है। QUAD देशों का मानना है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में मुक्त और सुरक्षित समुद्री मार्ग बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसी कारण यह बैठक रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पश्चिम एशिया और यूक्रेन युद्ध पर भी होगी चर्चा
बैठक में सिर्फ हिंद-प्रशांत क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पश्चिम एशिया संकट और रूस-यूक्रेन युद्ध के असर पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। वैश्विक ऊर्जा संकट, तेल की बढ़ती कीमतें और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ रहे प्रभाव भी एजेंडे में शामिल हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब दुनिया कई भू-राजनीतिक तनावों से गुजर रही है।
अमेरिका की भागीदारी पर भी नजर
हाल के दिनों में अमेरिकी राष्ट्रपति की कुछ बैठकों से दूरी के कारण QUAD के भविष्य को लेकर सवाल उठने लगे थे। लेकिन अब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की भारत यात्रा और बैठक में भागीदारी ने यह साफ संकेत दिया है कि अमेरिका अभी भी QUAD को गंभीरता से देख रहा है। अमेरिकी विदेश विभाग ने पुष्टि की है कि रुबियो स्वीडन में NATO बैठक में शामिल होने के बाद भारत पहुंचेंगे और QUAD बैठक में हिस्सा लेंगे।
भारत के लिए क्यों अहम है यह बैठक?
भारत इस समय QUAD समूह की अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में नई दिल्ली में होने वाली यह बैठक भारत की कूटनीतिक ताकत और वैश्विक भूमिका को भी मजबूत करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक न सिर्फ सुरक्षा बल्कि व्यापार, तकनीक, समुद्री सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!