ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान को लेकर अपना रुख और स्पष्ट कर दिया है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी भी हाल में ईरान को हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण या वहां “टोलिंग सिस्टम” लागू करने की अनुमति नहीं देंगे। यह बयान ऐसे समय में आया है जब इस क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं और वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ रही है।
“हॉर्मुज पर कब्जा नहीं होने देंगे”
एक इंटरव्यू में रुबियो ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका ईरान की किसी भी आक्रामक योजना को सफल नहीं होने देगा। उन्होंने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम है, इसलिए इस पर किसी एक देश का नियंत्रण स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास ऐसे कई विकल्प हैं, जिनसे ईरान को इस दिशा में बढ़ने से रोका जा सकता है।
ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने का दावा
मार्को रुबियो ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई के कारण ईरान की नौसेना और रक्षा औद्योगिक ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के मिसाइल लॉन्चर्स और नौसैनिक क्षमताओं को लगातार निशाना बना रहा है, ताकि भविष्य में वह ड्रोन और मिसाइल बनाने की स्थिति में न रह सके।
“कुछ ही हफ्तों में हासिल होंगे लक्ष्य”
रुबियो ने विश्वास जताया कि अमेरिका अपने सैन्य और रणनीतिक उद्देश्यों को कुछ ही हफ्तों में पूरा कर लेगा। उन्होंने कहा कि यदि ईरान को लंबे समय तक अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने का मौका दिया जाता, तो यह पूरी दुनिया के लिए बड़ा खतरा बन सकता था। इसलिए समय रहते कार्रवाई करना जरूरी था।
ईरानी जनता की तारीफ, नेतृत्व पर निशाना
अपने बयान में रुबियो ने ईरान के लोगों की सराहना की और कहा कि वे “अद्भुत” हैं। हालांकि, उन्होंने देश के नेतृत्व को समस्या बताते हुए कहा कि वर्तमान हालात के लिए वही जिम्मेदार हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में अगर अधिक तर्कसंगत सोच रखने वाले लोग सत्ता में आते हैं, तो यह पूरी दुनिया के लिए सकारात्मक बदलाव होगा।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव अब वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए चुनौती बनता जा रहा है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका का सख्त रुख आने वाले समय में हालात को और गंभीर बना सकता है। दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि यह तनाव आगे किस दिशा में जाता है।
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