ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के शालीमार गार्डन कॉलोनी में एक विवादित घटना सामने आई है, जिसमें स्थानीय पुलिस ने हिंदू रक्षा दल नामक संगठन के छह कार्यकर्ताओं को तलवारें बांटने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई तब हुई जब सोशल मीडिया पर इस घटना का वीडियो वायरल हुआ और स्थानीय लोगों के बीच तनाव फैलने की आशंका बढ़ गई। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संगठन को कानून-व्यवस्था को भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
तलवारें बांटते हुए वायरल हुआ वीडियो
गाजियाबाद पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार किए गए छह लोगों की पहचान हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ता के तौर पर की है। इन पर आरोप है कि उन्होंने दो दर्जन से ज्यादा तलवारें लोकल कॉलोनी में लोगों को वितरित कीं। वायरल वीडियो में देखा गया कि संगठन के लोग प्रो-हिंदू और भड़काऊ नारे लगाते हुए घर-घर जाकर तलवारें बाँट रहे थे, जिससे इलाके में तनाव फैलने की सम्भावना पैदा हुई।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए छह कार्यकर्ता संगठन के 17 कार्यालय धारकों में से हैं, जिनमें से संगठन के अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ‘पिंकी’ का भी नाम मामला दर्ज आरोपियों में शामिल है, लेकिन वह फिलहाल फरार है।
पुलिस ने दर्ज की FIR और लगाए गंभीर आरोप
शालीमार गार्डन थाना पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) की धारा 191(2) (दंगा), 191(3) (घातक हथियार के साथ दंगा), और 127(2) (ग़लत ढंग से किसी को रोकना) के तहत FIR दर्ज की है। आरोपियों पर यह आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अवैध रूप से धारदार हथियार बांट कर स्थानीय लोगों में भय और अशांति फैलाने का प्रयास किया। पुलिस टीम वर्तमान में उन अन्य नामित और अज्ञात आरोपियों की तलाश में रैड कर रही है।
पुलिस ने यह भी कहा कि इलाके के आसपास मुस्लिम बहुल इलाके जैसे शहीद नगर और पासोंडा गांव हैं, इसलिए कानून-व्यवस्था की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी प्रकार का तनाव न फैल सके।
आरोपी का पक्ष और विवाद
घटनास्थल से दूर भाग चुके संगठन के अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने एक वीडियो में दावा किया है कि यह हथियार वे लोगों को आत्मरक्षा के लिए दे रहे थे। उन्होंने कहा कि इसे इसलिए किया गया क्योंकि वे मानते हैं कि हिंदू परिवारों और लड़कियों पर “आक्रमण” हो रहा है, तथा हिंदुओं को अपने आपको सुरक्षित रखने के लिए सशस्त्र होना चाहिए। चौधरी ने इस बात का हवाला भी दिया कि बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसात्मक घटनाओं के कारण हिंदुओं को खुद अपना बचाव करना चाहिए।
हालाँकि पुलिस और प्रशासन ने इस तरह के बयानों को भड़काऊ करार दिया है और कहा है कि किसी भी समुदाय विशेष के खिलाफ नफरत फैलाने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सख्त चेतावनी दी है कि कानून-व्यवस्था को भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी।
गाजियाबाद में तलवारें वितरण का यह मामला स्थानीय प्रशासन के लिए एक चुनौती बन गया है। ऐसे समय में जब वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से फैल रहा था, पुलिस ने तुरंत सक्रियता दिखाई और आरोपियों को गिरफ्तार कर समुदायिक सद्भाव बनाए रखने की कोशिश की। पुलिस की मंशा स्पष्ट है कि किसी भी संगठन को अशांति फैलाने और लोगों को हथियार देने की अनुमति नहीं दी जाएगी। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जा रहा है कि तलवार जैसे हथियारों का सार्वजनिक वितरण सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर समस्या खड़ी कर सकता है।
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