ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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पाकिस्तान के कराची में हुए आतंकी हमले को लेकर दोनों देशों के बीच एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। पाकिस्तान ने इस हमले में एक कथित "भारतीय एजेंट" के शामिल होने का दावा किया, लेकिन भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें निराधार और बेबुनियाद बताया है। भारत के विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि बिना किसी सबूत के लगाए गए ऐसे आरोप स्वीकार्य नहीं हैं। साथ ही पाकिस्तान को सलाह दी कि वह दूसरे देशों पर आरोप लगाने के बजाय अपने देश में सक्रिय आतंकी संगठनों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करे।
क्या है पूरा मामला?
कराची में पाकिस्तान रेंजर्स (सिंध) के गुलिस्तान-ए-जौहर कैंप पर हथियारबंद आतंकियों ने हमला कर दिया। इस हमले में तीन सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई, जबकि जवाबी कार्रवाई में तीन हमलावर भी मारे गए। एक घायल हमलावर को सुरक्षा बलों ने गिरफ्तार कर लिया। हमले के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने दावा किया कि इसमें एक "भारतीय एजेंट" शामिल था। हालांकि, उन्होंने अपने आरोप के समर्थन में कोई सार्वजनिक सबूत पेश नहीं किया।
भारत ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पाकिस्तान के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि भारत ने कराची हमले से जुड़े आरोपों की रिपोर्टें देखी हैं, लेकिन इनका कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को दूसरों पर उंगली उठाने के बजाय अपने देश में मौजूद आतंकी ढांचे के खिलाफ विश्वसनीय और प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। भारत ने यह भी कहा कि आतंकवाद को राज्य की नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करने की प्रवृत्ति समाप्त करना पाकिस्तान की जिम्मेदारी है।
हमले के पीछे किस संगठन का नाम आया?
पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (ISPR) के अनुसार, इस हमले के पीछे जमात-उल-अहरार से जुड़े आतंकियों का हाथ था। यह संगठन प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) से अलग हुआ एक गुट माना जाता है। ISPR के मुताबिक, आतंकियों ने पहले कैंप के मुख्य द्वार पर विस्फोट किया और फिर परिसर में घुसने की कोशिश की। हालांकि सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए हमले को नाकाम कर दिया।
भारत-पाकिस्तान के बीच फिर बढ़ा तनाव
कराची हमले के बाद पाकिस्तान के आरोपों और भारत के जवाब ने दोनों देशों के बीच एक बार फिर कूटनीतिक तनाव बढ़ा दिया है। भारत का कहना है कि आतंकवाद के मुद्दे पर बिना सबूत आरोप लगाने के बजाय पाकिस्तान को अपने यहां सक्रिय आतंकी नेटवर्क पर ध्यान देना चाहिए।
कराची आतंकी हमला सुरक्षा के लिहाज से पाकिस्तान के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है। इस बीच भारत ने अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को स्पष्ट रूप से खारिज करते हुए पाकिस्तान से आतंकवाद के खिलाफ गंभीर और ठोस कदम उठाने की अपील की है। फिलहाल मामले की जांच पाकिस्तान की एजेंसियां कर रही हैं और आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।
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