ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
कर्नाटक के चित्रदुर्ग जिले में गुरुवार तड़के एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें 12 से अधिक लोग जिंदा जलकर मौत के घाट उतर गए। यह हादसा हिरियूर तालुका के गोरलट्टू इलाके में हुआ, जहां एक निजी स्लीपर बस और ट्रक की जोरदार टक्कर के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। बस में सवार कई यात्री आग में फंस गए और बाहर निकलने में असमर्थ रहे।
हादसा कब और कैसे हुआ
पुलिस के अनुसार यह हादसा बुधवार और गुरुवार की दरम्यानी रात करीब 12 बजे हुआ। निजी स्लीपर बस बेंगलुरु से गोकार्णा जा रही थी। तभी रास्ते में सामने से आ रहे ट्रक ने बस को टक्कर मार दी। इस टक्कर में ट्रक का भी हिस्सा जल गया और ट्रक चालक की मौके पर ही मौत हो गई। बस में चालक और कंडक्टर सहित कुल 32 लोग सवार थे।
आग में फंस गए यात्री
टक्कर के बाद आग इतनी तेजी से फैल गई कि कई यात्री बस के अंदर ही फंस गए। कुछ लोग तुरंत बाहर निकलने की कोशिश करते रहे, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। स्थानीय लोगों और दमकल विभाग ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और आग पर काबू पाया।
बस कंडक्टर ने क्या बताया
बस कंडक्टर मोहम्मद सलीम ने हादसे के बारे में बताया कि वह उस समय सो रहा था। अचानक जोर की आवाज आई और खिड़की का शीशा टूट गया। वह बस से बाहर गिर गए और अपने हाथ-पांव में चोट लगी। उन्हें और कुछ अन्य घायल यात्रियों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
राहत और बचाव कार्य
हादसे के तुरंत बाद डीएसपी शिवकुमार भी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य की निगरानी की। घायल यात्रियों को पहले चित्रदुर्ग जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति में दो यात्रियों को बेंगलुरु रेफर किया गया।
हादसे की जांच जारी
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दुर्घटना के वास्तविक कारण की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
प्रधानमंत्री का संदेश और राहत राशि
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने ट्वीट कर हादसे में जान गंवाने वालों के प्रति गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की और घायल हुए यात्रियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। पीएमओ ने बताया कि मृतकों के परिवार को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2 लाख रुपये और घायल यात्रियों को 50,000 रुपये की सहायता दी जाएगी।
सड़क सुरक्षा और चेतावनी
यह हादसा सड़क सुरक्षा की महत्वता को एक बार फिर याद दिलाता है। यात्रियों की सुरक्षा, वाहन की रफ्तार और ड्राइवर की सावधानी बेहद जरूरी हैं। इस दुर्घटना ने न केवल परिवारों को शोक में डुबो दिया है बल्कि पूरे क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के महत्व को भी उजागर किया है।
चित्रदुर्ग हादसा एक दर्दनाक चेतावनी है कि सड़क पर सुरक्षा और नियमों का पालन कितनी अहमियत रखता है। पुलिस और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई ने राहत कार्य में मदद की, लेकिन हादसे से मिली सीख बहुत गंभीर है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!