ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
अगर आप मैट्रिमोनियल वेबसाइट या ऐप के जरिए अपने लिए जीवनसाथी की तलाश कर रहे हैं, तो सावधान रहने की जरूरत है। देशभर में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां ठग फर्जी प्रोफाइल बनाकर खुद को आईएएस, आईपीएस, सीबीआई अधिकारी, प्रोफेसर, डॉक्टर या एनआरआई बताकर लोगों का भरोसा जीतते हैं। इसके बाद शादी का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी कर लेते हैं। दिल्ली पुलिस ने भी लोगों को ऐसे साइबर ठगों से सतर्क रहने की सलाह दी है।
केस-1: शादी का वादा, फिर महिला वकील से ठगे 12 लाख रुपये
दिल्ली के तिमारपुर इलाके में एक महिला एडवोकेट ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि एक व्यक्ति ने मैट्रिमोनियल साइट के जरिए उनसे संपर्क किया। आरोपी ने शादी का भरोसा दिलाया और धीरे-धीरे भावनात्मक रिश्ता बना लिया। बाद में उसने बीमारी और अन्य जरूरी जरूरतों का बहाना बनाकर करीब 12 लाख रुपये ले लिए। जांच में पता चला कि आरोपी गौरी शंकर खुद को कभी सीबीआई अधिकारी, कभी आईएफएसओ अधिकारी और कभी प्रोफेसर बताता था। पुलिस के अनुसार, वह सात महिलाओं से करीब 60 लाख रुपये की ठगी कर चुका था।
केस-2: बैंक और क्रेडिट कार्ड की जानकारी लेकर उड़ाए पैसे
एक अन्य मामले में पश्चिमी दिल्ली साइबर पुलिस के पास एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई। महिला की मुलाकात मैट्रिमोनियल साइट पर एक व्यक्ति से हुई थी। आरोपी ने शादी का भरोसा जीतने के बाद बैंक खाते और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद खाते से पैसे निकाल लिए। आरोपी कभी खुद को सरकारी अधिकारी, कभी सीनियर मैनेजर और कभी दिल्ली मेट्रो का अधिकारी बताता था। पुलिस ने बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया।
केस-3: IPS अधिकारी बनकर ठगे 5 लाख रुपये
रोहिणी की रहने वाली शीना, जो पेशे से वकील हैं, उनके लिए उनकी मां ने मैट्रिमोनियल साइट पर रिश्ता तलाशा था। एक युवक ने खुद को 2010 बैच का आईपीएस अधिकारी और सीबीआई में जॉइंट डायरेक्टर बताया। कुछ समय तक बातचीत के बाद उसने बैंक खाता फ्रीज होने का बहाना बनाकर 5 लाख रुपये मांगे। परिवार ने भरोसा कर रकम दे दी, लेकिन बाद में पता चला कि युवक ठग था।
ऐसे करें खुद का बचाव
दिल्ली पुलिस के अनुसार, मैट्रिमोनियल साइट पर किसी भी व्यक्ति पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। रिश्ता आगे बढ़ाने से पहले आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य पहचान पत्रों की जांच जरूर करें। जब तक पूरी तरह सत्यापन न हो जाए, किसी भी प्रकार का पैसा न भेजें। परिवार के लोगों को बातचीत में शामिल रखें और वेबसाइट की विश्वसनीयता भी जांचें। यदि किसी की बातें संदिग्ध लगें तो ज्यादा से ज्यादा सवाल पूछें और उसकी नौकरी व पहचान की स्वतंत्र पुष्टि करें।
दिल्ली पुलिस की सलाह
दिल्ली पुलिस मुख्यालय के लीगल डिवीजन के इंस्पेक्टर रमण कुमार सिंह के अनुसार, साइबर ठग अब खुद को आईएएस, आईपीएस, सेना के अधिकारी, डॉक्टर या एनआरआई बताकर लोगों का विश्वास जीतते हैं। इसके बाद किसी न किसी बहाने से पैसे मांगते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड या अन्य निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
यदि कोई प्रोफाइल संदिग्ध लगे या ठगी का शक हो तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करें या cybercrime.gov.in पोर्टल के माध्यम से साइबर अपराध की रिपोर्ट दर्ज कराएं। ऑनलाइन रिश्ते बनाते समय थोड़ी सी सावधानी आपको लाखों रुपये के नुकसान और भावनात्मक धोखे से बचा सकती है।
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