ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास हुए दर्दनाक बोट हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय नागरिकों के शव विशेष विमान से मुंबई पहुंच गए हैं। हनोई स्थित भारतीय दूतावास ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सभी शव सुरक्षित भारत लाए गए हैं और अब संबंधित राज्य सरकारों की मदद से उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचाया जाएगा। इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया है। भारतीय दूतावास ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और राहत कार्य में सहयोग करने के लिए वियतनाम सरकार और स्थानीय एजेंसियों का आभार भी जताया है।
11 जुलाई को हुआ था दर्दनाक हादसा
11 जुलाई को वियतनाम के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल फु क्वोक द्वीप के पास होन मे रुट न्गोई क्षेत्र में एक स्पीडबोट दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। नाव में 32 भारतीय पर्यटक और चालक दल के चार स्थानीय सदस्य सवार थे। अचानक नाव पलट जाने से अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की मौत हो गई, जबकि अन्य लोगों को बचा लिया गया।
मुंबई पहुंचे शव, राज्यों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी
भारतीय दूतावास के अनुसार, विशेष विमान सोमवार को मृतकों के शव लेकर मुंबई पहुंचा। अब तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल की राज्य सरकारें शवों को उनके गृह राज्यों तक पहुंचाने की व्यवस्था करेंगी।
मृतकों में:
• 10 तमिलनाडु के निवासी थे।
• 3 आंध्र प्रदेश से थे।
• 2 केरल के रहने वाले थे।
दूतावास ने कहा कि इस कठिन समय में वियतनाम के लोगों और प्रशासन से मिले सहयोग के लिए भारत आभारी है।
एक घायल भारतीय की हालत गंभीर
हादसे में घायल एक भारतीय नागरिक का इलाज अभी भी वियतनाम में चल रहा है। दूतावास ने बताया कि रविवार को उनका एक महत्वपूर्ण चिकित्सीय उपचार सफलतापूर्वक किया गया, जिसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए हो ची मिन्ह सिटी के एक अस्पताल में स्थानांतरित किया गया। जानकारी के अनुसार, 49 वर्षीय घायल के फेफड़ों को पानी भरने के कारण गंभीर नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा उन्हें शरीर पर कई चोटें आई हैं और मस्तिष्क में रक्तस्राव (ब्रेन ब्लीडिंग) भी हुआ है। डॉक्टर लगातार उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। घायल के परिवार के सदस्य भी वियतनाम पहुंच चुके हैं।
लावा इंटरनेशनल ने की आर्थिक सहायता की घोषणा
इस हादसे में लावा इंटरनेशनल के कई कर्मचारी भी शामिल थे। कंपनी ने मृत कर्मचारियों के परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। लावा इंटरनेशनल ने घोषणा की है कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक कर्मचारी के परिवार को 25 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। कंपनी ने कहा कि वह इस कठिन समय में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और हरसंभव सहयोग करेगी।
लोकप्रिय पर्यटन स्थल है फु क्वोक
फु क्वोक वियतनाम का सबसे बड़ा द्वीप है और अपने खूबसूरत समुद्र तटों, सफेद रेत, कोरल रीफ और आइलैंड टूर के लिए दुनिया भर के पर्यटकों के बीच बेहद लोकप्रिय माना जाता है। हर साल बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक यहां घूमने आते हैं।
शोक में पूरा देश
वियतनाम बोट हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। भारत सरकार, भारतीय दूतावास और संबंधित राज्य सरकारें मृतकों के परिजनों तक हर संभव सहायता पहुंचाने में जुटी हैं। वहीं, घायल भारतीय के बेहतर स्वास्थ्य के लिए लगातार इलाज जारी है और उसकी स्थिति पर करीबी नजर रखी जा रही है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!