ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां भाजपा के पूर्व सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह की गाड़ी के सामने एक व्यापारी लेट गया। मामला इतना बढ़ गया कि व्यापारी गाड़ी के बंपर में फंस गया और कुछ मीटर तक घिसटता चला गया। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसने इलाके में हड़कंप मचा दिया है।
गाड़ी के आगे लेट गया व्यापारी
जानकारी के मुताबिक, घटना चांदपुर रोड स्थित एक आरा मशीन पर हुई। पूर्व सांसद अधिकारियों के साथ वहां छापेमारी के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान फैक्ट्री मालिक और उनके बीच विवाद शुरू हो गया। जब मामला बढ़ा तो पूर्व सांसद अपनी गाड़ी में बैठकर वापस जाने लगे। तभी आक्रोशित व्यापारी उनकी गाड़ी के सामने जमीन पर लेट गया।
बंपर में फंसा सिर, घसीटता चला गया शरीर
पुलिस ने व्यापारी को हटाने की कोशिश की, लेकिन वह गाड़ी के बंपर में फंस गया। जब ड्राइवर ने गाड़ी पीछे की, तो उसका शरीर कुछ मीटर तक घिसटता चला गया। इसके बाद पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला। इस दौरान व्यापारी बार-बार कहता रहा, “मुझे गोली मार दो।”
आधे घंटे तक चला हंगामा
घटना के दौरान करीब 30 मिनट तक मौके पर अफरातफरी और हंगामा बना रहा। पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय लोग सभी स्थिति को संभालने में लगे रहे। इस घटना से इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
5 करोड़ की वसूली का आरोप
फैक्ट्री मालिक मोहम्मद आबिद ने पूर्व सांसद पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनसे 5 करोड़ रुपये की अवैध वसूली की मांग की गई थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें धमकाया गया और उनके ऊपर गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की गई। आबिद के मुताबिक, यह पूरा मामला राजनीतिक है और उन्हें निशाना बनाकर परेशान किया जा रहा है।
फैक्ट्री विवाद की जड़
बताया जा रहा है कि यह आरा मशीन पहले सील कर दी गई थी, जिसे बाद में बहाल किया गया। घटना वाले दिन एडीएम और वन विभाग की टीम जांच के लिए मौके पर पहुंची थी। इसी दौरान बहाली के आदेश और फैक्ट्री की स्थिति को लेकर विवाद शुरू हुआ।
पूर्व सांसद का पक्ष
पूर्व सांसद कुंवर भारतेंद्र सिंह ने इन आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि उन्हें अधिकारियों ने जांच के लिए बुलाया था। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री में सील की जगह केवल कपड़ा लगा मिला, जिससे संदेह पैदा हुआ और विवाद बढ़ गया। इसके अलावा उन्होंने आरोप लगाया कि उनके गनर की बंदूक छीनने की कोशिश की गई और उनकी गाड़ी को रोककर नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
पुलिस का बयान और कार्रवाई
इस मामले पर पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने बताया कि जांच के दौरान कुछ लोगों ने अभद्रता की और गाड़ी के सामने लेटने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि वीडियो फुटेज के आधार पर एक व्यक्ति की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और तीन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
जांच जारी, सच्चाई का इंतजार
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच सच्चाई सामने आने का इंतजार है। बिजनौर की यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि छोटे विवाद कैसे बड़े टकराव में बदल सकते हैं। इस मामले में पुलिस की जांच और आगे की कार्रवाई से ही स्पष्ट हो पाएगा कि असल में क्या हुआ और कौन दोषी है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!