ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीतापुर में एक कार्यक्रम के दौरान सनातन धर्म को लेकर अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि अगर सनातन कमजोर होगा तो देश भी कमजोर होगा,
और अगर देश कमजोर हुआ तो सनातन के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो
सकता है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से समाज को बांटने वाली सोच और लोगों से
सावधान रहने की अपील भी की।
किस मौके पर दिया बयान
मुख्यमंत्री
सीतापुर में तपोधाम सतगुरु गिरधारी नाथ जी महाराज तपोधाम आश्रम में आयोजित मूर्ति
स्थापना दिवस और भंडारे में शामिल होने पहुंचे थे।
इसी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने यह बातें कहीं और एकता पर जोर
दिया।
“बांटने वालों से सावधान रहें” — सीएम का संदेश
सरकार की ओर से
जारी बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए समाज को चेताया कि
“बांटने वालों से सावधान रहें।”
उनका कहना था कि सनातन और देश की मजबूती एक-दूसरे से जुड़ी है,
इसलिए लोगों को ऐसी बातों और कोशिशों से सतर्क रहना चाहिए जो समाज
को अलग-अलग हिस्सों में बांटती हों।
बांग्लादेश का जिक्र और हिंदुओं पर टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने
अपने संबोधन में बांग्लादेश का जिक्र करते हुए कहा कि वहां हिंदुओं के मरने और
जलाए जाने पर “सब मौन हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि मरने वाले दलित हिंदू हैं, और धर्माचार्यों व कुछ हिंदू संगठनों को छोड़ दें तो कोई मानवाधिकार या
दुनिया का संगठन उनकी तरफ से आवाज उठाता नहीं दिखता।
“सनातन ने हर वक्त शरण दी” वाली बात
मुख्यमंत्री ने
कहा कि सनातन को तोड़ने के लिए कई प्रयास हुए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सनातन धर्म मानने वालों ने विपत्ति के समय हर
किसी को शरण दी और आगे बढ़ने का अवसर दिया, लेकिन कुछ लोगों
ने “अंगुली पकड़कर गला दबाने” जैसा व्यवहार किया और देश को नुकसान पहुंचाने की
कोशिश की।
सभ्यताओं का उदाहरण और सनातन की निरंतरता
मुख्यमंत्री ने
कहा कि दुनिया में कई सभ्यताएं और संस्कृतियां समय के साथ खत्म हो गईं,
लेकिन सनातन संस्कृति कई मुश्किलों के बावजूद आज भी गरिमा के साथ
खड़ी है।
उन्होंने यह भी कहा कि यह संस्कृति दुनिया को मैत्री, करुणा और “वसुधैव कुटुम्बकम” का संदेश देती रही है।
देश की दिशा और प्रधानमंत्री का जिक्र
मुख्यमंत्री ने
कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक “लंबी यात्रा” के लिए
खुद को तैयार कर रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की बड़ी ताकत बनेगा और इसे कोई रोक
नहीं सकता।
मुख्यमंत्री के मुताबिक देशवासियों की जिम्मेदारी है कि इस यात्रा
में सहभागी बनें और मिलकर काम करें, ताकि वर्तमान और आने
वाली पीढ़ियों के लिए नतीजे बेहतर हों।
इस बयान का मतलब आम लोगों के लिए क्या है
राजनीति और
धर्म से जुड़े बयान अक्सर चर्चा का विषय बन जाते हैं,
लेकिन उनका असर जमीन पर लोगों के रिश्तों और सामाजिक माहौल पर भी
पड़ता है।
मुख्यमंत्री के भाषण का मुख्य संदेश यही रहा कि समाज में एकता बनाए
रखना जरूरी है और ऐसी बातें/तरीके जो लोगों को बांटते हैं, उनसे
बचना चाहिए।
साथ ही, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि देश की
ताकत और सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान को वह एक-दूसरे से जुड़ा हुआ मानते हैं।
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