ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
राजधानी दिल्ली के रोहिणी इलाके में बुधवार तड़के एक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। यह हादसा बुध विहार इलाके की झुग्गियों में हुआ, जहां आग ने एक ही परिवार के तीन लोगों की जान ले ली। मृतकों में पति, पत्नी और उनकी करीब दो साल की मासूम बेटी शामिल हैं। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।
कब और कैसे लगी आग?
दमकल विभाग के अनुसार, आग रात करीब 1:25 बजे लगी थी। सूचना मिलते ही छह दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन तब तक तीनों की जान जा चुकी थी। बताया जा रहा है कि आग उस प्लॉट में लगी थी, जहां प्लास्टिक का कबाड़ जमा किया जाता था और आसपास कई झुग्गियां बनी हुई थीं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में आई मुश्किलें
घटना स्थल की संकरी गलियों के कारण दमकल विभाग को राहत और बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। बड़ी दमकल गाड़ियां मौके तक आसानी से नहीं पहुंच सकीं, जिससे आग बुझाने में देरी हुई। इसके बावजूद फायर ब्रिगेड, पुलिस और अन्य एजेंसियों ने मिलकर आग पर काबू पाया और शवों को बाहर निकाला।
राहत और बचाव कार्य
दमकल विभाग, स्थानीय पुलिस, एम्बुलेंस सेवा (CATS) और बिजली विभाग की टीमें मौके पर मौजूद रहीं। तीनों शवों को बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। राहत और बचाव कार्य पूरा कर लिया गया है और इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
आग के कारणों की जांच जारी
फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्लास्टिक कबाड़ के कारण आग तेजी से फैली, जिससे नुकसान ज्यादा हुआ।
सुरक्षा पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर झुग्गी-झोपड़ी इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। ऐसे इलाकों में आग लगने की घटनाएं अक्सर होती रहती हैं, जहां संकरी गलियां और ज्वलनशील सामग्री खतरे को बढ़ा देती हैं।
रोहिणी का यह हादसा बेहद दुखद है, जिसमें एक मासूम बच्ची समेत पूरा परिवार खत्म हो गया। अब जरूरत है कि ऐसे इलाकों में सुरक्षा के बेहतर इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!