ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने उन्हें 10 ऑयल टैंकर “गिफ्ट” किए हैं। ट्रंप के मुताबिक इनमें से 8 टैंकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर चुके हैं और सभी पर पाकिस्तान का झंडा लगा हुआ है। उन्होंने इसे ईरान की ओर से शांति वार्ता की गंभीरता दिखाने वाला कदम बताया। हालांकि, ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से टोल नहीं लेना चाहिए, लेकिन वह ऐसा कर रहा है, जो वैश्विक व्यापार के लिए चिंता का विषय है।
डील नहीं हुई तो हमले जारी रहेंगे
ट्रंप ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि अगर ईरान ने समझौता नहीं किया, तो अमेरिका हमले जारी रखेगा। उन्होंने कहा कि ईरान के पास यह मौका है कि वह अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ दे और एक नई दिशा में आगे बढ़े। ट्रंप ने कहा, “अगर ईरान ने डील नहीं की, तो हम उनके लिए सबसे बुरा सपना साबित होंगे।” उनके इस बयान से साफ है कि अमेरिका इस मुद्दे पर सख्त रुख अपनाए हुए है।
ईरान के लिए वेनेजुएला मॉडल का जिक्र
बातचीत के दौरान ट्रंप ने ईरान के लिए वेनेजुएला जैसे समाधान का संकेत भी दिया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने वेनेजुएला के साथ काम करके बड़ी आर्थिक सफलता हासिल की है।
हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान के मामले में ऐसा मॉडल कितना प्रभावी हो सकता है, लेकिन ट्रंप के बयान से यह जरूर संकेत मिलता है कि अमेरिका कई विकल्पों पर विचार कर रहा है।
अमेरिका को होर्मुज स्ट्रेट की जरूरत नहीं: ट्रंप
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की जरूरत नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के पास पर्याप्त तेल भंडार है और वह इस संकट से ज्यादा प्रभावित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास सऊदी अरब और रूस से भी ज्यादा तेल है और आने वाले समय में यह उत्पादन और बढ़ेगा।
ईरान की सैन्य क्षमता पर सवाल
ट्रंप के साथ-साथ अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी ईरान की सैन्य क्षमता को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि युद्ध के दौरान ईरान की पारंपरिक सेना लगभग खत्म हो चुकी है। वहीं, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह युद्ध वैश्विक सुरक्षा के लिए जरूरी था और अमेरिका ने इसे एक जिम्मेदारी के तौर पर शुरू किया।
डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान ने अमेरिका-ईरान तनाव को और बढ़ा दिया है। एक तरफ जहां ट्रंप शांति वार्ता की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हमले जारी रखने की चेतावनी भी दे रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या दोनों देशों के बीच कोई समझौता होता है या यह टकराव और गहराता है।
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