ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां भाजपा नेता राजकुमार चौहान की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे वह रोज की तरह मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, लेकिन घर से महज 500 मीटर दूर ही घात लगाए बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने अचानक चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। राजकुमार ने खुद को बचाने की कोशिश की और करीब 100 मीटर तक भागे, लेकिन हमलावरों ने उनका पीछा कर फिर से हमला किया। सिर, सीने और चेहरे पर 20-25 बार वार किए गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
13 घंटे में पुलिस का खुलासा
घटना के 13 घंटे के भीतर पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। डीएम दीपक मीणा और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि हत्या के पीछे पुरानी रंजिश थी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि राजकुमार चौहान के भतीजे ने उनके साथ मारपीट की थी। इसी अपमान का बदला लेने के लिए उन्होंने इस हत्याकांड को अंजाम दिया।
भतीजे से विवाद बना हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि आरोपी राज चौहान उर्फ निरहुआ और विपिन यादव का राजकुमार के भतीजे नितेश से पिछले चार महीनों से विवाद चल रहा था। दो महीने पहले नितेश ने आरोपी की पिटाई कर दी थी, जिससे वह बदला लेने की फिराक में थे। राजकुमार ने अपने भतीजे का समर्थन किया था, जिससे आरोपियों की नाराजगी और बढ़ गई। इसी खुन्नस में उन्होंने हत्या की साजिश रची और मौके का इंतजार करने लगे।
पेड़ के पीछे छिपकर किया हमला
पुलिस के अनुसार, घटना वाले दिन दोनों आरोपी पहले से ही घटनास्थल के पास पेड़ के पीछे छिपकर बैठे थे। जैसे ही राजकुमार अकेले वहां पहुंचे, एक आरोपी ने पहले फायर किया और फिर दोनों ने मिलकर चाकुओं से हमला कर दिया। हमलावर तब तक मौके पर रुके रहे जब तक उन्हें यकीन नहीं हो गया कि राजकुमार की मौत हो चुकी है।
CCTV और सर्विलांस से पकड़े गए आरोपी
पुलिस ने आसपास लगे करीब 8 CCTV कैमरों की जांच की। फुटेज में दो संदिग्ध नजर आए, जिनकी पहचान के बाद सर्विलांस की मदद से उन्हें पकड़ लिया गया। हालांकि, पुलिस अब तक हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद नहीं कर पाई है, जिससे जांच पर सवाल उठ रहे हैं।
खुलासे के बाद भी कई सवाल
पुलिस के खुलासे के बावजूद कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं:
• CCTV में केवल 2 आरोपी दिखे, जबकि घटना में 4 लोगों के शामिल होने की बात कही जा रही है।
• किसी भी कैमरे में हत्या की पूरी वारदात कैद नहीं हुई।
• हत्या में इस्तेमाल हथियार अब तक बरामद नहीं हुआ।
• हत्या की वजह मामूली विवाद बताई जा रही है, जो सवाल खड़े करती है।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
राजकुमार चौहान की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। उनकी पत्नी सुशीला देवी घटनास्थल पर पहुंचते ही बेहोश हो गईं। बहन ने कहा कि “जान के बदले जान चाहिए” और परिवार के भविष्य को लेकर चिंता जताई। राजकुमार अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उनके दो बेटियां और एक बेटा है, जिनकी जिम्मेदारी अब परिवार पर आ गई है।
सड़क जाम और हंगामा
घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। 500 से ज्यादा लोग सड़कों पर उतर आए और गोरखपुर-सोनौली रोड जाम कर दिया। लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। हालात को काबू में करने के लिए 10 से ज्यादा थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और लाठीचार्ज कर भीड़ को हटाया।
राजनीति भी गरमाई
इस हत्याकांड ने राजनीतिक रंग भी ले लिया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए सरकार पर निशाना साधा। वहीं, भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद डॉ. राधा मोहन अग्रवाल और कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।
राजनीतिक भविष्य भी था उज्ज्वल
बताया जा रहा है कि राजकुमार चौहान 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी कर रहे थे और भाजपा से टिकट मांग रहे थे। वह क्षेत्र में एक प्रभावशाली नेता माने जाते थे और कई बड़े नेताओं के करीबी थे।
गोरखपुर का यह हत्याकांड न सिर्फ एक परिवार की जिंदगी उजाड़ गया, बल्कि कानून व्यवस्था पर भी बड़े सवाल खड़े कर गया है। पुलिस ने भले ही 13 घंटे में खुलासा कर दिया हो, लेकिन कई ऐसे पहलू हैं जो अभी भी साफ नहीं हो पाए हैं।
अब देखना होगा कि पुलिस इन सवालों का जवाब कब तक दे पाती है और क्या आरोपियों को सख्त सजा मिल पाती है या नहीं।
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