ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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लखनऊ के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आज 13 मार्च 2026 को उठाया गया है, जब रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर में ग्रीन कॉरिडोर परियोजना के दूसरे चरण का उद्घाटन और अगले चरणों का शिलान्यास किया। यह परियोजना राजधानी लखनऊ के ट्रैफिक और आवागमन में सुधार लाने के लिए तैयार की गई है।
परियोजना का उद्देश्य और महत्व
लखनऊ में बढ़ती आबादी और वाहनों की संख्या के साथ‑साथ यातायात जाम एक बड़ी समस्या बन चुकी थी। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए ग्रीन कॉरिडोर परियोजना को चार चरणों में विभाजित कर बनाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य शहर के अहम हिस्सों को जोड़ते हुए एक सपाट, तेज और निर्बाध मार्ग तैयार करना है, जिससे लोगों को यातायात जाम से निजात मिले।
यह मार्ग डालीगंज से समता मूलक चौक तक विस्तारित है, जिससे पश्चिमी और मध्य लखनऊ के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। करीब 7 किलोमीटर लंबा यह मार्ग अब जनता के उपयोग के लिए खुल चुका है, और इसके चलते हजरतगंज, निशातगंज एवं समता मूलक क्षेत्र को यातायात में स्पष्ट सुधार मिलने की उम्मीद है।
राजनाथ सिंह व योगी आदित्यनाथ की भूमिका
इस परियोजना के लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह प्रमुख रूप से शामिल रहे। उन्होंने इस परियोजना को लखनऊ की ट्रैफिक समस्या का समाधान और शहर के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। वहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी कहा कि यह परियोजना लखनऊवासियों को बेहतर यातायात सुविधा देने के साथ–साथ पर्यावरण को भी ध्यान में रखकर विकसित की गई है।
राजनाथ सिंह का लखनऊ से जुड़ना इसलिए भी खास है क्योंकि वे इसी क्षेत्र से सांसद हैं, और उन्होंने अपनी संसदीय जिम्मेदारी के साथ शहर के विकास के लिए कई परियोजनाओं का समर्थन किया है। योगी सरकार भी प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर निरंतर काम कर रही है, जिसमें ग्रीन कॉरिडोर एक प्रमुख परियोजना के रूप में उभर कर सामने आया है।
परियोजना के अगले चरण
इस परियोजना के दूसरे चरण के साथ‑साथ तीसरे और चौथे चरण पर भी निर्माण कार्य जारी है। इन आगामी चरणों के पूरा होने के बाद यह ग्रीन कॉरिडोर शहर के और बड़े हिस्सों को जोड़ेगा और यातायात को साफ, निर्बाध मार्ग उपलब्ध कराएगा। खासकर आईआईएम रोड से शहीद पथ तक के लिंक पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है, जिससे शहर का ट्रैफिक नेटवर्क और भी अधिक सुदृढ़ होगा।
लाभ और आगे की राह
ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे चरण के पूरा होने से लखनऊ के लगभग 15 लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। शहर में भीड़‑भाड़ वाले क्षेत्रों के बीच आवाजाही अब और सुगम होगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद लखनऊ शहर की परिवहन क्षमता और आवागमन में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।
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