ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा कोतवाली क्षेत्र के गांव कालूपुर में एक पारिवारिक विवाद ने खौफनाक मोड़ ले लिया। मुआवजे की रकम के बंटवारे को लेकर हुए झगड़े में छोटे भाई की हत्या का आरोप उसके बड़े भाई और दो अन्य पर लगा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।
शव मिला खेत में, हादसे का रूप देने की आशंका
मृतक की पहचान सुखदेव शर्मा (25) के रूप में हुई है। उसका शव रविवार सुबह गांव के पास एक खेत में खून से लथपथ हालत में मिला। पास में उसकी बाइक और हेलमेट भी टूटी हुई हालत में पड़े थे, जिससे पहले लोगों को लगा कि यह सड़क हादसा है। लेकिन परिजनों ने मौके पर पहुंचकर हत्या की आशंका जताई।
पुलिस के मुताबिक, सुखदेव तीन दिन पहले बाइक लेकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिवार ने उसकी तलाश शुरू की और पुलिस को गुमशुदगी की सूचना दी। रविवार सुबह जब शव मिला, तो मामले ने गंभीर रूप ले लिया।
मुआवजे की रकम बनी विवाद की जड़
जानकारी के अनुसार, परिवार को यमुना प्राधिकरण से करीब 30 लाख रुपये का मुआवजा मिला था। इस रकम के बंटवारे को लेकर घर में विवाद चल रहा था। सुखदेव के पिता का कहना है कि वह मुआवजे की रकम अपने दोनों बेटों में बराबर बांटना चाहते थे, लेकिन बड़ा बेटा हरकेश शर्मा इसका विरोध कर रहा था।
पिता के अनुसार, हरकेश बार-बार पूरे हिस्से की मांग करता था और इसे लेकर परिवार में झगड़ा भी होता था। इसी विवाद को हत्या की वजह माना जा रहा है।
हत्या की साजिश का आरोप
परिजनों का आरोप है कि बड़े भाई हरकेश शर्मा ने अपने बेटे हिमांशु और ससुर अनिल शर्मा के साथ मिलकर सुखदेव की हत्या की साजिश रची। सुखदेव के सिर पर किसी भारी वस्तु से वार किया गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
इसके बाद हत्या को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की गई। शव को सड़क किनारे फेंक दिया गया और बाइक को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, ताकि लोगों को लगे कि यह दुर्घटना है। हालांकि जांच में कई बातें हत्या की ओर इशारा कर रही हैं।
आरोपी फरार, पुलिस कर रही तलाश
घटना के बाद मुख्य आरोपी हरकेश शर्मा, उसका बेटा हिमांशु और ससुर अनिल शर्मा फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
थाना प्रभारी के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद मामले की सच्चाई सामने आएगी। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा और पूरी घटना का खुलासा किया जाएगा।
पारिवारिक विवाद से सीख
यह घटना दिखाती है कि संपत्ति और मुआवजे जैसे मामलों में पारिवारिक विवाद कितनी बड़ी त्रासदी बन सकते हैं। पैसे का लालच और झगड़ा रिश्तों को खत्म कर देता है। समाज में ऐसे मामलों से बचने के लिए संवाद और समझदारी जरूरी है।
परिवारों को चाहिए कि वे विवादों को बातचीत से सुलझाएं और हिंसा का रास्ता न अपनाएं। पुलिस जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी, लेकिन यह घटना एक चेतावनी है कि रिश्तों से बढ़कर कोई भी रकम नहीं होती।
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