ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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नोएडा में एक बार फिर लापरवाही के कारण बड़ा हादसा होते-होते टल गया। सेक्टर-150 इलाके में गुरुवार को तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर नाले में जा गिरी। यह घटना नोएडा के फेस-3 थाना क्षेत्र की है। राहत की बात यह रही कि कार चालक ने समय रहते कार से बाहर कूदकर अपनी जान बचा ली। अगर थोड़ी भी देरी होती तो यह हादसा जानलेवा साबित हो सकता था। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग मौके पर जुट गए।
तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार काफी तेज गति से चल रही थी। जैसे ही चालक नाले के पास पहुंचा, अचानक कार का संतुलन बिगड़ गया। इससे पहले कि चालक कार को संभाल पाता, कार सीधे नाले में जा गिरी। कार के गिरते ही तेज आवाज हुई, जिससे आसपास के लोग घबरा गए।
मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत प्रतिक्रिया दिखाते हुए चालक की मदद की। चालक ने भी सूझबूझ दिखाते हुए समय रहते कार से छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों की मदद से वह सुरक्षित बाहर निकल आया। इस दौरान इलाके में कुछ देर के लिए ट्रैफिक भी प्रभावित हुआ।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर यह हादसा हुआ, वहां नाले के किनारे कोई मजबूत बाउंड्री या सुरक्षा दीवार नहीं बनाई गई है। यदि वहां उचित सुरक्षा इंतजाम होते तो कार सीधे नाले में नहीं गिरती।
राहगीरों और स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस इलाके में पहले भी कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। खासकर रात के समय यहां से गुजरना ज्यादा खतरनाक हो जाता है क्योंकि रोशनी और सुरक्षा दोनों ही पर्याप्त नहीं हैं। लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही फेस-3 थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने तुरंत क्रेन मंगवाकर नाले में गिरी कार को बाहर निकलवाया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि चालक का ध्यान भटक गया था, जिसके कारण वह कार को नियंत्रित नहीं कर सका। हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसे की असली वजह क्या थी।
पहले भी हो चुका है बड़ा हादसा
इस घटना से पहले भी इसी इलाके में एक दर्दनाक हादसा हो चुका है, जिसमें एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत हो गई थी। उस घटना के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे। लेकिन समय बीतने के साथ मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिसके कारण अब फिर से ऐसा हादसा सामने आया है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
घटना के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी देखने को मिल रही है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा दीवार और उचित संकेतक लगाए जाएं तो ऐसे हादसों को रोका जा सकता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है।
सावधानी ही बचाव
यह घटना एक बार फिर यह बताती है कि तेज रफ्तार और सुरक्षा इंतजामों की कमी दोनों ही खतरनाक साबित हो सकते हैं। चालक की सूझबूझ और स्थानीय लोगों की मदद से इस बार बड़ी दुर्घटना टल गई, लेकिन यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी भी है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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