ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ग्रेटर नोएडा में सोशल मीडिया से जुड़ी एक मशहूर महिला यूट्यूटर के साथ सड़क पर परेशान करने का मामला सामने आया है। यह महिला करीब 5 मिलियन (50 लाख) फॉलोअर्स वाली वीडियो क्रिएटर हैं, जिनका एक वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें दिख रहा है कि कार सवार कुछ युवकों ने करीब 27 किलोमीटर तक उनका पीछा किया और अभद्र व्यवहार किया।
यह मामला तब हुआ जब महिला यूट्यूबर बीएमडब्ल्यू कार से दिल्ली‑नोएडा‑ग्रेटर नोएडा मार्ग पर घर लौट रही थीं और तभी डीएनडी फ्लाईओवर के पास कुछ युवक उनकी गाड़ी का पीछा शुरू कर देते हैं। पुलिस के सामने प्रस्तुत वीडियो के अनुसार यह पीछा परी चौक तक जारी रहा, जिसमें आरोपियों ने कई बार गाड़ी को ओवरटेक करने की कोशिश की और अभद्र इशारे व धमकी भरे संकेत दिए।
वीडियो में स्पष्ट दिख रहा है कि पीछा इतना लंबा और तेज था कि महिला काफी डरी और परेशान महसूस करने लगीं। रास्ते में कहीं भी उन्हें सुरक्षा या पुलिस गश्त नजर नहीं आई, जिससे यह मामला और गंभीर बन गया।
डीएनडी से चेज शुरू
घटना की शुरुआत डीएनडी फ्लाईओवर के पास हुई। महिला यूट्यूबर अपनी कार में अकेली थीं और घर की ओर जा रही थीं। तभी एक दूसरी कार में सवार कुछ युवक उनका पीछा करना शुरू कर देते हैं और तेजी से उनकी गाड़ी के पास आने‑जाने की कोशिश करते हैं।
पीछा ग्रेटर नोएडा तक जारी
यह पीछा करीब 27 किलोमीटर तक जारी रहा, जिसमें आरोपियों ने कई बार कार को ओवरटेक करने की कोशिश की और महिला को डराने‑धमकाने वाले इशारे दिए। महिला ने भयभीत होकर अपने पति को फोन किया और पूरी घटना की जानकारी दी। पति ने बताया कि घर सिर्फ 15 मिनट की दूरी पर था लेकिन यह स्थितियां उन्हें गंभीर चिंता में डाल रही थीं।
पति ने उठाए सुरक्षा पर गंभीर सवाल
घटना के बाद महिला के पति ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी के साथ शारीरिक और मानसिक रूप से धमकी दी गई और कार से पीछा कर अभद्रता की गई। उन्होंने निर्भीक होकर कहा कि यदि इतनी प्रसिद्ध यूट्यूबर के साथ ऐसा हो सकता है, तो आम महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठते हैं।
पति ने यह भी कहा कि पूरी दूरी में कहीं भी पुलिस मौजूद नहीं थी, और ग्राहक की सुरक्षा के नाम पर कहीं से मदद नहीं मिली। इससे स्थानीय सुरक्षा प्रतिबद्धता और कानून‑व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
पुलिस क्या कहती है — मामला टक्कर से जुड़ा
जब नॉलेज पार्क थाना पुलिस से इस घटना के बारे में पूछा गया, तो पुलिस ने प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में कहा कि शुरुआत में दोनों कारों के बीच टक्कर हुई थी, जिसे लेकर विवाद और पीछा बढ़ गया। पुलिस का दावा है कि दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता भी करवा दिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला की ओर से कोई शिकायत नहीं दर्ज कराई गई है, इसलिए आधिकारिक कार्रवाई सीमित रही।
यह बयान कई लोगों के लिए संतोषजनक नहीं माना जा रहा है, खासकर ऐसे मामलों में जहां महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इंटरनेट पर कई लोगों ने कहा कि पुलिस को सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और घटना के साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच करनी चाहिए।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह मामला तेज़ चर्चा का विषय बन गया है। कई लोगों ने महिला के समर्थन में पोस्ट शेयर किए, कहा कि अगर इतनी पहचान वाली महिला को सुरक्षा नहीं मिल रही, तो साधारण महिलाओं की क्या हालत होगी। कई यूज़र्स ने ग्रेटर नोएडा और नोएडा पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग भी की है।
कुछ लोगों ने कहा है कि यह महिला‑सुरक्षा की समस्या केवल एक घटना नहीं है, बल्कि यह दर्शाता है कि महिलाओं के लिए सड़क सुरक्षा और कानून‑व्यवस्था पर गंभीर चिंतन की आवश्यकता है। ऐसे मामलों में अधिक मजबूत निगरानी, रोड‑साइड पुलिस गश्त और त्वरित प्रतिक्रिया की मांग की जा रही है।
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