ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
लोकप्रिय कवि और वक्ता डॉ. कुमार विश्वास आज अपना 56वां जन्मदिन मना रहे हैं। इसी मौके पर उनका नाम फिल्मी दुनिया में एक बड़ी वजह से चर्चा में है—वे अपकमिंग फिल्म ‘रामायण’ के लिए काम कर रहे हैं। खबरों के मुताबिक यह फिल्म बड़े बजट और बड़े नामों के कारण पहले से सुर्खियों में है, और कुमार विश्वास की भूमिका इसे और खास बनाती है। साहित्य से पहचान बनाने वाले किसी कवि का इतनी बड़ी फिल्म से जुड़ना दर्शकों के लिए भी एक दिलचस्प बात है।
कुमार विश्वास का सफर: कविता से मंच तक
कुमार विश्वास पिछले 30 साल से ज्यादा समय से साहित्य के क्षेत्र में सक्रिय हैं और उन्होंने देश-विदेश में अपनी पहचान बनाई है। रिपोर्ट में उन्हें कवि के साथ-साथ कथा वाचक, प्रखर वक्ता, मोटिवेशनल स्पीकर और गीतकार के रूप में भी जाना जाता है। उनकी सबसे चर्चित रचनाओं में ‘कोई दीवाना कहता है’ का नाम आता है, जिससे उन्हें बड़ी लोकप्रियता मिली थी। यही वजह है कि उनके शब्दों का असर सिर्फ मंच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अलग-अलग माध्यमों तक पहुंचा।
जन्म और शुरुआती पहचान
रिपोर्ट के अनुसार डॉ. कुमार विश्वास का जन्म 10 फरवरी 1970 को उत्तर प्रदेश के पिलखुवा में हुआ था। समय के साथ उन्होंने कवि सम्मेलनों और अपनी प्रस्तुतियों के जरिए एक अलग पहचान बनाई। उनकी भाषा शैली को लोग भावनात्मक और सीधे तरीके से समझ पाते हैं, इसलिए उनकी बातें जल्दी जुड़ जाती हैं। आज वे जिस जगह पर हैं, उसके पीछे लंबे समय की मेहनत और लगातार मंच से जुड़ाव रहा है।
बॉलीवुड से पुराना रिश्ता भी रहा है
यह पहली बार नहीं है जब कुमार विश्वास का नाम फिल्मों से जुड़ा हो। रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने जॉन अब्राहम की फिल्म ‘परमाणु: द स्टोरी ऑफ पोखरण’ (2018) के गीत ‘दे दे जगह’ लिखे थे। इसके अलावा ‘मिशन रानीगंज’ के गाने ‘हम साथ चलेंगे तो जीतेंगे’ के लिए भी उन्हें गीतकार के तौर पर क्रेडिट दिया गया है। यानी साहित्य के साथ-साथ वे पहले भी फिल्मी गीतों में अपनी कलम चला चुके हैं।
अब ‘रामायण’ फिल्म में क्या जिम्मेदारी
खबर के मुताबिक कुमार विश्वास बॉलीवुड की अपकमिंग फिल्म ‘रामायण’ के लिए बतौर गीतकार काम कर रहे हैं। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि वे फिल्म के संगीत से जुड़े दिग्गज नामों ए.आर. रहमान और हांस जिमर के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। किसी भी बड़ी फिल्म में गीतों की भूमिका बहुत अहम होती है—खासकर जब विषय ‘रामायण’ जैसा भावनात्मक और आस्था से जुड़ा हो। ऐसे में गीतकार पर जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि शब्दों में भाव भी रहे और बात दिल तक पहुंचे।
‘अपने अपने राम’ और राम कथा से जुड़ाव
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कुमार विश्वास ‘अपने अपने राम’ के जरिए भगवान श्रीराम की गाथा को जन-जन तक पहुंचाने का काम करते रहे हैं। यही वजह है कि ‘रामायण’ फिल्म में उनका जुड़ना कई लोगों को स्वाभाविक भी लगता है। मंच पर रामकथा सुनाने वाले व्यक्ति का फिल्म में गीत लिखना एक तरह से उसी काम का नया रूप है—बस माध्यम बदल जाता है। दर्शकों की उम्मीदें इसी बात पर टिकती हैं कि फिल्म के गाने “सच्चे भाव” के साथ सामने आएं।
गीत लिखने का अनुभव: भावनात्मक चुनौती
रिपोर्ट में कुमार विश्वास का एक बयान भी बताया गया है, जो उन्होंने 2025 में फिल्म को लेकर बात करते हुए कहा था। उनके मुताबिक इस कहानी के अंदर “प्राण तत्व” है और जब फिल्म के गाने तैयार होते हैं तो अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोग भी भावुक हो जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भगवान की विदाई से जुड़ा एक गाना 7 दिन में खत्म हुआ, क्योंकि वह पूरा ही नहीं हो पा रहा था। ऐसे अनुभव यह बताते हैं कि यह काम सिर्फ तकनीकी नहीं, बल्कि भावनाओं के स्तर पर भी कठिन होता है।
फिल्म की कास्ट और मेकर्स को लेकर जानकारी
रिपोर्ट के अनुसार ‘रामायण’ में भगवान श्रीराम का किरदार रणबीर कपूर निभा रहे हैं। माता सीता के रोल में अभिनेत्री साई पल्लवी नजर आएंगी। फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं और प्रोड्यूसर के तौर पर नमित मल्होत्रा का नाम सामने आया है। वहीं, रावण की भूमिका में कन्नड़ स्टार यश नजर आएंगे—यह बात भी रिपोर्ट में कही गई है।
बजट और रिलीज प्लान क्यों बना चर्चा का विषय
खबर के मुताबिक फिल्म का बजट 4000 करोड़ रुपये बताया गया है, और इसी वजह से इसे भारत की सबसे महंगी फिल्म कहा जा रहा है। मेकर्स के बारे में यह भी बताया गया है कि फिल्म दो पार्ट में रिलीज होगी। रिपोर्ट के अनुसार पहला पार्ट 2026 की दिवाली पर और दूसरा पार्ट 2027 की दिवाली पर रिलीज करने की योजना है। इतना बड़ा बजट और दो पार्ट का प्लान अपने आप में लोगों की जिज्ञासा बढ़ा देता है—क्योंकि दर्शक जानना चाहते हैं कि पर्दे पर यह कहानी कितने बड़े स्तर पर दिखाई जाएगी।
क्यों खास है कुमार विश्वास का जुड़ना
कवि होने के नाते कुमार विश्वास की पहचान शब्दों और भाव से है, और फिल्म में गीत भी उसी का विस्तार है। ‘रामायण’ जैसी कहानी में गाने सिर्फ मनोरंजन नहीं होते, वे दृश्य के भाव को आगे बढ़ाते हैं और दर्शक को जोड़ते हैं। इसलिए जब दर्शकों को पता चलता है कि इस जिम्मेदारी में एक ऐसा नाम जुड़ा है जिसकी पकड़ भाषा और भावनाओं पर मजबूत मानी जाती है, तो उम्मीदें भी बढ़ जाती हैं। अब सबकी नजरें फिल्म के आगे आने वाले अपडेट्स पर रहेंगी—खासकर उसके संगीत और गीतों पर।
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