ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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भारत की दो महान गायिकाओं लता मंगेशकर और आशा भोसले की याद में पुणे में एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाया जाएगा। यह जानकारी उनके भाई और प्रसिद्ध संगीतकार हृदयनाथ मंगेशकर ने दी। यह अस्पताल सिर्फ एक इमारत नहीं होगा, बल्कि एक सपना है, जिसे मंगेशकर परिवार कई वर्षों से पूरा करने की कोशिश कर रहा था।
25 साल पुराना सपना अब होगा साकार
हृदयनाथ मंगेशकर ने बताया कि उनकी मां और लता मंगेशकर का सपना था कि गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए एक बड़ा अस्पताल बनाया जाए। करीब 25 साल पहले इस परियोजना को शुरू करने की कोशिश की गई थी, लेकिन किसी कारणवश यह योजना पूरी नहीं हो सकी। बाद में परिवार ने फैसला किया कि यह अस्पताल लता मंगेशकर के नाम पर बनाया जाएगा और इसकी तैयारियां भी शुरू हो गई थीं।
आशा भोसले के निधन के बाद बदला फैसला
हाल ही में आशा भोसले के निधन के बाद परिवार ने एक बड़ा निर्णय लिया। अब यह अस्पताल लता मंगेशकर और आशा भोसले—दोनों के नाम पर बनाया जाएगा। यह फैसला दोनों बहनों के योगदान और उनकी याद को सम्मान देने के लिए लिया गया है।
एशिया का सबसे बड़ा अस्पताल बनाने की योजना
मंगेशकर परिवार इस अस्पताल को एशिया का सबसे बड़ा और आधुनिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की कोशिश कर रहा है। इसका उद्देश्य सिर्फ इलाज उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को बेहतर और सस्ती चिकित्सा सुविधा देना है।
आशा भोसले को दी गई अंतिम विदाई
आशा भोसले का हाल ही में 92 साल की उम्र में मुंबई में निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर किया गया। महाराष्ट्र पुलिस ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस दौरान कई बड़ी हस्तियां जैसे आमिर खान, विक्की कौशल, अनु मलिक और शान समेत कई कलाकार उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। अंतिम दर्शन के दौरान कई सेलेब्स भावुक नजर आए। सचिन तेंदुलकर भी श्रद्धांजलि देते समय भावुक हो गए।
संगीत की दुनिया में अमर रहेंगी दोनों बहनें
लता मंगेशकर और आशा भोसले ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनके गाए गीत आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। अब उनके नाम पर बनने वाला यह अस्पताल उनके सामाजिक योगदान और मानवता के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक बनेगा।
पुणे में बनने वाला यह अस्पताल सिर्फ एक स्वास्थ्य परियोजना नहीं, बल्कि एक भावनात्मक श्रद्धांजलि है। यह पहल दिखाती है कि कैसे महान कलाकार अपने जाने के बाद भी समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। आने वाले समय में यह अस्पताल लाखों लोगों के लिए जीवनदायी साबित हो सकता है।
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