ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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नोएडा में गीले कचरे के निस्तारण को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। इंडियन गैस लिमिटेड (आईजीएल) शहर में कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट लगाएगा। इस परियोजना को प्राधिकरण की सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। इस प्लांट पर करीब 250 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
अस्तौली में लगेगा बड़ा प्लांट
यह CBG प्लांट नोएडा के अस्तौली क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। इसके लिए 16.66 एकड़ जमीन तय की गई है। इस प्लांट की क्षमता 300 टन प्रतिदिन (TDP) होगी, जिसे भविष्य में बढ़ाकर 500 TDP तक किया जा सकता है।
गीले और सूखे कचरे का होगा निस्तारण
इस प्लांट में गीले और सूखे दोनों तरह के कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा। इससे निकलने वाली बायोगैस का उपयोग शहर में ही किया जाएगा, जिससे ऊर्जा उत्पादन में मदद मिलेगी और पर्यावरण पर दबाव कम होगा।
वर्तमान कचरा उत्पादन और भविष्य की जरूरत
फिलहाल नोएडा में रोजाना लगभग 1000 टन कचरा उत्पन्न होता है। आने वाले समय में यह आंकड़ा 1200 से 1500 टन प्रतिदिन तक पहुंच सकता है। इस बढ़ते कचरे को ध्यान में रखते हुए यह नई परियोजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
पहले से चल रही योजनाएं
नोएडा प्राधिकरण का एनटीपीसी विद्युत व्यापार निगम लिमिटेड के साथ 600 टीडीपी कचरे के निस्तारण का समझौता है। इसके अलावा 40-40 टीडीपी क्षमता के छह छोटे प्लांट भी लगाए जा रहे हैं, जिससे कुल 240 टीडीपी कचरे का निपटारा किया जाएगा।
7 लाख टन पुराने कचरे का भी होगा समाधान
सेक्टर-145 में पड़े लगभग 7 लाख टन पुराने कचरे के निस्तारण के लिए भी कंपनी का चयन कर लिया गया है। जल्द ही इस कचरे को हटाने और प्रोसेस करने का काम शुरू किया जाएगा।
कचरा परिवहन की जिम्मेदारी कंपनी पर
प्राधिकरण ने यह भी तय किया है कि कचरा उठाने और प्लांट तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की होगी। इससे प्रशासन का ट्रांसपोर्टेशन खर्च कम होगा और व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी।
नोएडा का यह CBG प्लांट शहर के कचरा प्रबंधन सिस्टम को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल कचरे का निस्तारण होगा बल्कि स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में भी मदद मिलेगी, जिससे शहर को पर्यावरणीय और आर्थिक दोनों लाभ मिलेंगे।
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