ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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नोएडा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को फंसाकर लूटने वाले गैंग का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। ग्राइंडर के माध्यम से यह गैंग लोगों से दोस्ती करता था और फिर उन्हें निशाना बनाता था। थाना सेक्टर-113 पुलिस ने इस गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान शिवम झा, सागर ठाकुर और कमल के रूप में हुई है।
मास्टरमाइंड समेत तीन गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, शिवम झा इस पूरे गैंग का मास्टरमाइंड है। ये सभी आरोपी नोएडा के होशियारपुर इलाके में रहते हैं। पुलिस ने इनके पास से 30 हजार रुपये नकद, 4 मोबाइल फोन, एक कार और दो नंबर प्लेट बरामद की हैं।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
यह गैंग पहले ग्राइंडर ऐप पर लोगों से दोस्ती करता था। इसके बाद बातचीत बढ़ाकर पीड़ित को एक तय स्थान पर बुलाया जाता था। वहां पहुंचने के बाद आरोपी उन्हें डराते-धमकाते थे और लूटपाट करते थे। इतना ही नहीं, कई मामलों में पीड़ितों को ब्लैकमेल कर उनके बैंक खातों से पैसे भी वसूले जाते थे।
छह महीने से सक्रिय था गैंग
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पिछले करीब छह महीनों से सक्रिय था और कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है। पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन का डेटा खंगाल रही है, ताकि अन्य पीड़ितों और वारदातों की जानकारी मिल सके।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले
नोएडा में इससे पहले भी डेटिंग ऐप के जरिए लूटपाट के कई मामले सामने आ चुके हैं। यह घटना एक बार फिर इस बात की चेतावनी देती है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अंजान लोगों से संपर्क बनाते समय सतर्क रहना कितना जरूरी है।
एडीसीपी मनीषा सिंह के अनुसार, पीड़ित की शिकायत और लोकल इंटेलिजेंस के आधार पर इस गैंग को पकड़ा गया। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऑनलाइन डेटिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें।
नोएडा का यह मामला डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग का एक गंभीर उदाहरण है। जहां एक ओर तकनीक लोगों को जोड़ती है, वहीं दूसरी ओर इसका गलत इस्तेमाल अपराधियों को मौका देता है। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही इस तरह के अपराधों से बचने का सबसे बड़ा उपाय है।
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