ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में रविवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। अमेठी-प्रतापगढ़ हाईवे पर एक पेट्रोल पंप के सामने हाईमास्ट लाइट का पोल लगाते समय वह अचानक असंतुलित होकर चलती कार पर गिर गया। इस हादसे में समाजवादी पार्टी के नेता लाल बहादुर यादव की मौत हो गई।
कैसे हुआ हादसा?
यह घटना अंतू थाना क्षेत्र के बाबूगंज बाजार की है। यहां भारत पेट्रोल पंप के सामने करीब 65 फीट ऊंचा हाईमास्ट लाइट का पोल क्रेन की मदद से खड़ा किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि पोल का वजन लगभग 40 क्विंटल था।
इसी दौरान बाबूगंज निवासी सपा नेता लाल बहादुर यादव अपनी क्रेटा कार से शहर की ओर जा रहे थे। तभी अचानक क्रेन का पट्टा टूट गया और भारी-भरकम पोल असंतुलित होकर सीधे सड़क पर चल रही उनकी कार पर गिर पड़ा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
मौके पर मचा हड़कंप
हादसे के तुरंत बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने दौड़कर कार का दरवाजा तोड़ा और लाल बहादुर यादव को बाहर निकाला। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
यह हादसा उनके घर से महज 500 मीटर की दूरी पर हुआ, जिससे परिवार और स्थानीय लोगों का दुख और भी बढ़ गया। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में काफी गुस्सा देखने को मिला। लोगों का आरोप है कि इतनी भारी संरचना को खड़ा करते समय पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे। यदि सड़क को अस्थायी रूप से बंद कर दिया जाता या ट्रैफिक रोका जाता, तो शायद यह हादसा टल सकता था।
पुलिस ने मामले की शिकायत दर्ज कर ली है और जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि क्रेन का पट्टा कैसे टूटा और क्या काम में किसी तरह की लापरवाही बरती गई थी।
कौन थे लाल बहादुर यादव?
लाल बहादुर यादव समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए थे और इलाके में सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में जाने जाते थे। वह पीडब्ल्यूडी में ठेकेदारी का काम करते थे। उन्होंने दो बार पंचायत चुनाव भी लड़ा था, हालांकि उन्हें जीत नहीं मिली थी।
उनकी अचानक हुई मौत से परिवार और समर्थकों में शोक की लहर है। लोग इस हादसे को प्रशासनिक लापरवाही से जोड़कर देख रहे हैं और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
जांच जारी, जवाबदेही पर सवाल
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग इस पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। यह देखा जा रहा है कि हाईमास्ट पोल लगाने के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन हुआ था या नहीं।
इस दुखद हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक स्थानों पर निर्माण या इंस्टॉलेशन के काम के दौरान सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन क्यों नहीं किया जाता। एक छोटी सी चूक ने एक परिवार से उसका सदस्य छीन लिया और पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया।
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