ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश की राजनीति में पूर्वांचल एक बार फिर सुर्खियों में है। ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) 22 फरवरी 2026 को आजमगढ़ में ‘सामाजिक समरसता महारैली’ करने जा रही है। यह रैली अतरौलिया विधानसभा क्षेत्र के अहिरौला स्थित जनता इंटर कॉलेज में आयोजित होगी। पार्टी इसे अपनी अब तक की सबसे बड़ी ताकत प्रदर्शन रैली बता रही है।
एक लाख से ज्यादा भीड़ का दावा
सुभासपा का दावा है कि इस महारैली में एक लाख से अधिक लोग जुटेंगे। खास बात यह है कि पार्टी दस हजार से ज्यादा प्रबुद्ध ब्राह्मणों की भागीदारी का भी दावा कर रही है। रैली के जरिए पार्टी राजभर, ब्राह्मण, क्षत्रिय, चौहान, नाई, निषाद समेत कई जातीय और सामाजिक समूहों को एक मंच पर लाने की कोशिश कर रही है।
पार्टी नेताओं का कहना है कि यह आयोजन सिर्फ शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का संदेश देने के लिए है। इसके जरिए वे पूर्वांचल में एक नया राजनीतिक समीकरण बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
आजमगढ़ में सियासी संदेश
आजमगढ़ को लंबे समय से समाजवादी पार्टी का गढ़ माना जाता है। 2022 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जिले की सभी 10 सीटों पर जीत दर्ज की थी। लोकसभा चुनाव में भी यहां सपा को सफलता मिली थी। ऐसे में सुभासपा का आजमगढ़ में इतनी बड़ी रैली करना राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है।
सुभासपा नेताओं का मानना है कि यह रैली 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारी का संकेत है। उनका दावा है कि एनडीए गठबंधन पूर्वांचल में मजबूती के साथ उभरेगा।
एनडीए में शामिल होने के बाद नई रणनीति
2022 में दोबारा योगी आदित्यनाथ सरकार बनने के बाद ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी का साथ छोड़कर एनडीए का दामन थाम लिया था। इसके बाद से वे लगातार पूर्वांचल, खासकर अतरौलिया क्षेत्र में सक्रिय हैं।
राजभर के छोटे बेटे और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण राजभर भी पिछले करीब आठ महीनों से क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं। वे संगठन को मजबूत करने और बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में जुटे हैं।
संगठन की ताकत दिखाने की तैयारी
रैली में राष्ट्रीय सुहेलदेव सेना के हजारों कमांडरों के शामिल होने की बात कही जा रही है। पार्टी इसे अनुशासन और संगठन क्षमता का प्रदर्शन मान रही है। प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव अरविंद राजभर इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं। उनका कहना है कि आजमगढ़ में इतनी बड़ी रैली पहले कभी नहीं हुई।
2027 पर नजर
इस महारैली के जरिए सुभासपा 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए माहौल तैयार करना चाहती है। पार्टी नेताओं का दावा है कि इस आयोजन से पूर्वांचल की राजनीति में बड़ा संदेश जाएगा और एनडीए गठबंधन को मजबूती मिलेगी।
अब देखना होगा कि आजमगढ़ में होने वाली यह ‘सामाजिक समरसता महारैली’ वाकई राजनीतिक समीकरण बदलने में कितनी असरदार साबित होती है। फिलहाल पूर्वांचल की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और सभी की नजर 22 फरवरी की रैली पर टिकी है।
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