ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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राजस्थान विधानसभा में इन दिनों गौ माता को लेकर सियासत गर्म है। मामला सिर्फ सदन की बहस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि अब सड़क तक पहुंचने की तैयारी है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियां एक-दूसरे पर तीखे आरोप लगा रही हैं। विवाद का केंद्र यह है कि क्या गौ माता को ‘राज्य माता’ का दर्जा दिया जाना चाहिए या नहीं।
प्रश्नकाल में उठी मांग
मंगलवार (17 फरवरी) को विधानसभा के प्रश्नकाल के दौरान बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने राज्य में गौ माता को ‘राज्य माता’ का दर्जा देने की मांग उठाई। उन्होंने सरकार से पूछा कि इस दिशा में क्या कदम उठाए जा रहे हैं और क्या सरकार इस पर कोई ठोस फैसला लेने वाली है।
इस सवाल के जवाब में गोपालन विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने स्पष्ट किया कि फिलहाल सरकार ऐसा कोई निर्णय लेने पर विचार नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण के लिए राज्य में पहले से कई कानून लागू हैं और अलग से ‘राज्य माता’ का दर्जा देने की आवश्यकता नहीं है।
सरकार के जवाब पर बढ़ा विवाद
सरकार के इस बयान के बाद सदन का माहौल अचानक गरमा गया। कांग्रेस ने इसे तुरंत राजनीतिक मुद्दा बना लिया और बीजेपी को घेरना शुरू कर दिया। कांग्रेस विधायकों ने आरोप लगाया कि बीजेपी गाय के नाम पर राजनीति करती है, लेकिन जब आधिकारिक दर्जा देने की बात आती है तो पीछे हट जाती है।
बहस के दौरान जयपुर में हुई एक गोकशी की घटना का भी जिक्र हुआ, जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। आरोप-प्रत्यारोप के बीच सदन में तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
सदन में बढ़ी तल्खी
बीजेपी विधायक गोपाल शर्मा इस मुद्दे पर इतना आक्रोशित हो गए कि वे विपक्ष की ओर बढ़ने लगे। हालांकि बाद में उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली, लेकिन इस घटना ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया।
यह घटना दर्शाती है कि मुद्दा सिर्फ राजनीतिक बहस तक सीमित नहीं है, बल्कि भावनात्मक और सामाजिक पहलू भी इससे जुड़े हुए हैं।
कांग्रेस का आंदोलन का ऐलान
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने बीजेपी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बीजेपी सिर्फ गाय के नाम पर वोट मांगती है। अगर वह सच में गौ माता को पूजनीय मानती है तो उसे ‘राज्य माता’ का दर्जा देने में कोई हिचक नहीं होनी चाहिए।
खाचरियावास ने ऐलान किया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर बड़ा आंदोलन चलाएगी। जरूरत पड़ी तो पार्टी सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस का कहना है कि यह केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि राजनीतिक ईमानदारी का भी सवाल है।
सरकार का पक्ष
वहीं गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेडम ने कहा कि गौ माता को हर व्यक्ति आस्था की नजर से देखता है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने गौ संरक्षण के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं और कांग्रेस बेवजह इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है।
बीजेपी विधायक बालमुकुंद आचार्य ने भी दोहराया कि उनकी मांग को सरकार ने खारिज नहीं किया है और राज्य में गौ सेवा के लिए लगातार काम हो रहा है।
आगे क्या?
गौ माता को ‘राज्य माता’ का दर्जा देने का मुद्दा अब राजस्थान की राजनीति का बड़ा विषय बन चुका है। बीजेपी पर बैकफुट में होने के आरोप लग रहे हैं, तो कांग्रेस इसे जन आंदोलन में बदलने की तैयारी कर रही है।
अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार भविष्य में इस मांग पर कोई नया रुख अपनाती है या फिर सियासी तकरार और तेज होती है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
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