ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने परभणी में उद्धव ठाकरे गुट की शिवसेना और उनके मुस्लिम महापौर बनने के मुद्दे पर तीखा हमला बोला। शिंदे ने कहा कि वर्ष 2019 में महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के साथ जाने के बाद उद्धव ठाकरे ने बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा और हिंदुत्व को छोड़ दिया।
शिंदे ने आगे कहा कि इसी वजह से जनता ने उन्हें लगातार चुनावों में नकार दिया। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी और सहयोगियों ने महानगरपालिका, लोकसभा, विधानसभा, जिला परिषद और नगर परिषद सहित विभिन्न चुनावों में जीत हासिल की है। उनका आरोप था कि हिंदुत्व छोड़ने के कारण उद्धव ठाकरे को पराजय का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद वे अभी भी तुष्टीकरण की राजनीति कर रहे हैं।
बांग्लादेशियों के मुद्दे पर कड़ा रुख
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने महाराष्ट्र और मुंबई में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों के दस्तावेजों का सत्यापन करने का ऐलान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो लोग अवैध रूप से फेरीवाले या ठेलेवाले के रूप में रह रहे हैं और यदि वे बांग्लादेशी पाए जाते हैं, तो उन्हें राज्य से बाहर किया जाएगा।
शिंदे ने विपक्ष से अपील की कि इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति न की जाए और सरकार का सहयोग किया जाए। उन्होंने कहा कि यह कदम राज्य और शहर की सुरक्षा, रोजगार और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है।
राहुल गांधी के बयान पर जवाब
राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए बयान पर शिंदे ने प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि जो लोग विदेशों में जाकर भारत की आलोचना करते हैं, उन्हें प्रधानमंत्री और देशभक्ति पर टिप्पणी करने का नैतिक अधिकार नहीं है।
शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री के लिए “नेशन फर्स्ट” सर्वोपरि है, जबकि विपक्ष के लिए प्राथमिकता हमेशा “करप्शन फर्स्ट” रही। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2014 से पहले व्यापक भ्रष्टाचार हुआ, लेकिन वर्तमान सरकार देश को सर्वोपरि मानकर कार्य कर रही है।
वंदे मातरम् पर जोर
एकनाथ शिंदे ने वंदे मातरम् के विरोध पर भी टिप्पणी की। उनका कहना था कि वंदे मातरम् मातृभूमि को नमन करने का गीत है और इसका सम्मान सभी को करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस गीत का विरोध नहीं होना चाहिए और सभी भारतीयों को इसका आदर करना चाहिए।
एकनाथ शिंदे का यह भाषण न केवल उद्धव ठाकरे गुट पर निशाना था, बल्कि यह वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में हिंदुत्व, राष्ट्रीय सुरक्षा और देशभक्ति के मुद्दों को भी उजागर करता है। शिंदे ने जनता और विपक्ष दोनों को संदेश दिया कि सरकार देश और राज्य की सुरक्षा, कानून व्यवस्था और आर्थिक विकास को सर्वोपरि मानकर काम कर रही है।
इस भाषण से यह भी साफ हुआ कि महाराष्ट्र की राजनीति में सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर अभी भी जारी है।
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