ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में Uniform Civil Code यानी UCC को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कि राज्य में अगले छह महीने के भीतर UCC लागू करने की दिशा में काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल इस मामले में उत्तराखंड और गुजरात की तरह आगे बढ़ेगा। उनके मुताबिक, UCC के बाद धार्मिक धर्मांतरण और जिन मामलों को उन्होंने ‘लव जिहाद’ और ‘लैंड जिहाद’ कहा, उनके खिलाफ भी सख्त कानून लाने की तैयारी होगी।
कानून के बाद अगला फोकस
शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि UCC लागू होने के बाद उनकी सरकार कथित जबरन धर्मांतरण और दूसरे संबंधित मुद्दों पर कड़े कानूनी कदम उठाएगी। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब देश के कई राज्यों में UCC और धर्मांतरण से जुड़े कानूनों को लेकर राजनीतिक बहस चल रही है। पश्चिम बंगाल में भी यह मुद्दा आने वाले समय में राजनीति का बड़ा हिस्सा बन सकता है। हालांकि, अभी यह एक राजनीतिक घोषणा है। किसी कानून को लागू करने के लिए विधानसभा की प्रक्रिया, कानूनी जांच और संवैधानिक प्रावधानों का पालन जरूरी होगा।
धार्मिक पर्यटन पर भी जोर
इस कार्यक्रम में सिर्फ UCC की बात नहीं हुई। शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना का भी जिक्र किया। इसके लिए करीब 1,000 करोड़ रुपये के धार्मिक पर्यटन सर्किट की घोषणा की गई है। राज्य में मंदिरों, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने की योजना बताई गई है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार बढ़ाने का दावा भी किया जा रहा है।
बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा
UCC को लेकर पहले से ही देशभर में अलग-अलग राय रही है। समर्थक इसे समान नागरिक कानून की दिशा में कदम बताते हैं, जबकि आलोचक व्यक्तिगत कानूनों और अलग-अलग समुदायों पर इसके असर को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। पश्चिम बंगाल में इस घोषणा के बाद यह मुद्दा और गर्म होने की संभावना है। खासकर अगले कुछ महीनों में सरकार किस तरह का ड्राफ्ट तैयार करती है और उसे किस तरह आगे बढ़ाया जाता है, यह देखने वाली बात होगी। फिलहाल मुख्यमंत्री की तरफ से छह महीने की समयसीमा बताई गई है। अब असली चुनौती इस घोषणा को कानूनी प्रक्रिया में बदलने की होगी।
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