ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
भारत की दोहरी ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। पेरिस ओलंपिक 2024 में शानदार प्रदर्शन के बाद अब वह नए सीजन की तैयारियों में जुटी हैं और उनका आत्मविश्वास भी काफी मजबूत नजर आ रहा है। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) के 75 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी राय रखी।
वैभव सूर्यवंशी को लेकर क्या बोलीं मनु भाकर?
कार्यक्रम के दौरान मनु भाकर से 15 वर्षीय क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी को लेकर सवाल किया गया। वैभव को भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारों में से एक माना जा रहा है और उन्हें जल्द राष्ट्रीय टीम में शामिल करने की मांग भी उठ रही है। इस पर मनु भाकर ने कहा कि अगर खिलाड़ी तैयार है और उसे सही मार्गदर्शन मिल रहा है, तो उम्र कभी बाधा नहीं बननी चाहिए।
“उम्र नहीं, प्रतिभा मायने रखती है”
मनु भाकर ने स्पष्ट कहा कि प्रतिभा की कोई उम्र नहीं होती। उन्होंने कहा कि सही माहौल और सही मार्गदर्शन मिलने पर कोई भी खिलाड़ी किसी भी उम्र में सफलता हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा, “प्रतिभा को 6 साल की उम्र में भी पहचाना जा सकता है और 60 साल की उम्र में भी। अगर सही दिशा मिले तो वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के अगले बड़े सितारे बन सकते हैं।”
पेरिस ओलंपिक की सफलता के बाद नया लक्ष्य
मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में दो कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। अब वह 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक की तैयारियों में जुट गई हैं। इसके साथ ही उनकी नजर एशियाई खेलों और विश्व चैंपियनशिप पर भी है।
आने वाली बड़ी प्रतियोगिताएं
मनु ने बताया कि इस साल के अंत में जापान में एशियाई खेल और विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े टूर्नामेंट होंगे। वह इन प्रतियोगिताओं के लिए पूरी तरह तैयार हैं।उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने कोच के साथ मिलकर आने वाली प्रतियोगिताओं की रणनीति तैयार कर ली है और अब लक्ष्य केवल बेहतर प्रदर्शन करना है।
म्यूनिख विश्व कप पर नजर
मनु भाकर जल्द ही आईएसएसएफ विश्व कप म्यूनिख में हिस्सा लेंगी। यह प्रतियोगिता उनके लिए नए सीजन की शुरुआत मानी जा रही है। उनका मानना है कि लगातार अभ्यास और सही योजना उन्हें फिर से शीर्ष प्रदर्शन की ओर ले जाएगी।
मनु भाकर का यह बयान न केवल युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है बल्कि यह भी दिखाता है कि भारतीय खेलों में टैलेंट को उम्र से नहीं, प्रदर्शन से आंका जाता है। वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों के लिए यह एक बड़ा मोटिवेशन साबित हो सकता है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!