ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के अंतिम चरण के करीब आते ही दिल्ली बीजेपी में संगठनात्मक बदलाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। पार्टी में नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया पर चर्चा शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि बंगाल चुनाव खत्म होने के बाद इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।
अध्यक्ष पद की रेस में कौन आगे?
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष पद की दौड़ में इस समय दो प्रमुख नाम सबसे आगे हैं। इनमें NDMC के उपाध्यक्ष कुलजीत चहल और केंद्रीय मंत्री हर्ष मल्होत्रा शामिल हैं। इसके अलावा पार्टी के भीतर एक गुट मौजूदा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा को ही दोबारा जिम्मेदारी देने की मांग कर रहा है। हालांकि नियमों के अनुसार किसी भी प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है और एक व्यक्ति लगातार दो बार से ज्यादा इस पद पर नहीं रह सकता।
वीरेंद्र सचदेवा का कार्यकाल और उपलब्धियां
वीरेंद्र सचदेवा ने दिल्ली बीजेपी की कमान ऐसे समय संभाली जब पार्टी को मजबूत संगठनात्मक नेतृत्व की जरूरत थी। उनके नेतृत्व में पार्टी ने हाल ही में हुए दिल्ली विधानसभा चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया। बीजेपी ने 70 में से 48 सीटें जीतकर 27 साल बाद दिल्ली में सरकार बनाई। इससे पहले 2024 में लोकसभा चुनाव में भी पार्टी ने दिल्ली की सभी 7 सीटों पर जीत हासिल की थी। इन उपलब्धियों को देखते हुए पार्टी के कुछ नेता उन्हें दोबारा मौका देने के पक्ष में हैं।
संगठनात्मक नियम और रणनीति
बीजेपी के नियमों के अनुसार प्रदेश अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है। वीरेंद्र सचदेवा दिसंबर 2022 में कार्यकारी अध्यक्ष बने थे और मार्च 2023 में उन्हें पूर्ण अध्यक्ष बनाया गया था। अब उनका कार्यकाल पूरा होने के बाद पार्टी के सामने नया नेतृत्व चुनने की चुनौती है।
जातीय और संगठनात्मक संतुलन भी अहम
पार्टी सूत्रों के अनुसार, नए अध्यक्ष के चयन में जातीय और संगठनात्मक संतुलन भी एक बड़ा फैक्टर होगा। कुलजीत चहल जाट समुदाय से आते हैं, जबकि हर्ष मल्होत्रा पंजाबी समुदाय से जुड़े हैं। इसके अलावा जय प्रकाश जैसे अन्य नाम भी चर्चा में हैं, जो गुर्जर समुदाय से आते हैं।
राष्ट्रीय नेतृत्व लेगा अंतिम फैसला
पार्टी नेताओं का कहना है कि अंतिम निर्णय बीजेपी का राष्ट्रीय नेतृत्व ही करेगा। इसमें यह भी देखा जाएगा कि दिल्ली जैसे महत्वपूर्ण राज्य में किस नेता को संगठन की कमान दी जाए। कुलजीत चहल को प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े नमो ऐप का राष्ट्रीय संयोजक माना जाता है, जबकि हर्ष मल्होत्रा को आरएसएस से जुड़े नेता के रूप में देखा जाता है।
दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष पद की रेस अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। एक तरफ मौजूदा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा की मजबूत दावेदारी है, तो दूसरी ओर नए चेहरों की भी मजबूत मौजूदगी है। बंगाल चुनाव के बाद पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस पर बड़ा फैसला ले सकता है, जिससे दिल्ली बीजेपी की भविष्य की रणनीति तय होगी।
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