ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में किसान नेता राकेश टिकैत ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराए जाएं, तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की जीत लगभग तय मानी जा सकती है। यह बयान उन्होंने अपने आवास पर मीडिया से बातचीत के दौरान दिया।
बढ़ता मतदान प्रतिशत बना चर्चा का विषय
राकेश टिकैत ने कहा कि पश्चिम बंगाल में बढ़ता हुआ मतदान प्रतिशत यह संकेत देता है कि जनता अब पहले से अधिक जागरूक हो चुकी है। उनके अनुसार, अधिक मतदान आमतौर पर या तो सत्ता के खिलाफ होता है या किसी मजबूत स्थानीय नेतृत्व के समर्थन में जाता है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा परिस्थितियों में यह रुझान ममता बनर्जी के पक्ष में दिखाई देता है।
90% मतदान पर टिकैत की टिप्पणी
टिकैत ने कहा कि बंगाल में 90 प्रतिशत तक मतदान होना इस बात का प्रमाण है कि मतदाता अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी प्रकार की गड़बड़ी या बेईमानी नहीं होती, तो चुनाव परिणाम ममता बनर्जी के पक्ष में जा सकते हैं।
बीजेपी पर लगाए गंभीर आरोप
इस दौरान राकेश टिकैत ने भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की राजनीति में चुने हुए जनप्रतिनिधियों को दूसरी पार्टियों में शामिल कराने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे जनता का भरोसा कमजोर होता है।
दल-बदल पर जताई नाराजगी
टिकैत ने कहा कि कई बार ऐसा देखा गया है कि किसी पार्टी के कई सांसद या विधायक दूसरी पार्टी में शामिल हो जाते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि 10 में से 7 सांसद किसी अन्य पार्टी में चले जाएं, तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने इसे राजनीति में “छापेमारी और दल-बदल” की प्रवृत्ति बताया।
RLD और सीट बंटवारे पर टिप्पणी
राकेश टिकैत ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी अपनी राय दी। उन्होंने राष्ट्रीय लोक दल (RLD) को एनडीए गठबंधन में 50 सीटें दिए जाने की मांग पर कहा कि लोकदल कोई छोटी पार्टी नहीं है। उनका कहना है कि गठबंधन में सीटों का बंटवारा संतुलित और सम्मानजनक होना चाहिए, तभी गठबंधन मजबूत रह सकता है।
राकेश टिकैत के बयान से एक बार फिर पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने जहां ममता बनर्जी की जीत की संभावना जताई है, वहीं बीजेपी पर दल-बदल और लोकतंत्र को प्रभावित करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए हैं। उनका मानना है कि अगर चुनाव निष्पक्ष होते हैं तो जनता का फैसला ही अंतिम होता है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!