ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच अलीगढ़ में कांग्रेस पार्टी के अंदर ही विवाद खुलकर सामने आ गया है। यह विवाद अब इतना बढ़ गया है कि पार्टी दो गुटों में बंटती नजर आ रही है। इस पूरे मामले में कांग्रेस के युवा नेता राजा भैया और पूर्व विधायक विवेक बंसल आमने-सामने आ गए हैं।
राजा भैया ने लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस युवजन सभा के प्रदेश सचिव रहे राजा भैया ने विवेक बंसल पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विवेक बंसल की वजह से अलीगढ़ में कांग्रेस आगे नहीं बढ़ पाई। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के अंदर अलग-अलग “सिंडिकेट” चलाए जा रहे हैं, जिससे संगठन कमजोर हो रहा है। राजा भैया के मुताबिक, जब उन्होंने इन मुद्दों के खिलाफ आवाज उठाई, तो उन्हें पद से हटवा दिया गया।
NCERT किताबों के मुद्दे से बढ़ा विवाद
यह विवाद उस समय और बढ़ गया जब जिले में एनसीईआरटी किताबों को लेकर अभिभावकों का विरोध शुरू हुआ। राजा भैया ने इस मुद्दे पर खुलकर विरोध किया और एनसीईआरटी किताबों को लागू करने की मांग की। बताया जा रहा है कि इसी के बाद पार्टी के भीतर मतभेद तेज हो गए और विवेक बंसल की तरफ से कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
“काला चिट्ठा” खोलने की चेतावनी
राजा भैया ने साफ कहा है कि वह जल्द ही विवेक बंसल के खिलाफ “काला चिट्ठा” पार्टी के आला कमान के सामने पेश करेंगे। उन्होंने दावा किया कि वह बताएंगे कि किस तरह अलीगढ़ में कांग्रेस को कमजोर किया गया है और संगठन को नुकसान पहुंचाया गया है। उनका कहना है कि अलीगढ़ में कांग्रेस की गिरती स्थिति के पीछे मुख्य कारण गुटबाजी और गलत नेतृत्व है।
कांग्रेस का आधिकारिक पक्ष
इस पूरे विवाद पर कांग्रेस के युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष ने अलग बयान दिया है। उनका कहना है कि राजा भैया को पहले ही 2025 में पार्टी से निष्कासित किया जा चुका था। यानी पार्टी के अंदर इस मामले को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं, जिससे स्थिति और उलझ गई है।
सोशल मीडिया पर भी दिखी खींचतान
यह विवाद अब सिर्फ संगठन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी खुलकर सामने आ गया है। दोनों पक्षों के समर्थक एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं, जिससे पार्टी की छवि पर असर पड़ रहा है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह की गुटबाजी कांग्रेस के लिए चिंता का विषय बन सकती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अगर पार्टी ने समय रहते इस विवाद को नहीं सुलझाया, तो इसका असर चुनावी प्रदर्शन पर पड़ सकता है।
अलीगढ़ में कांग्रेस के अंदर चल रहा यह विवाद साफ संकेत देता है कि पार्टी को अंदरूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। विवेक बंसल और राजा भैया के बीच यह टकराव आने वाले समय में और बड़ा रूप ले सकता है। अब यह देखना अहम होगा कि पार्टी नेतृत्व इस मामले को कैसे संभालता है और क्या समय रहते संगठन को एकजुट कर पाता है या नहीं।
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