ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के भीतर बड़ा राजनीतिक विवाद सामने आया है। पूर्व जिला मंत्री दीपाली तिवारी ने जिला अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा पर गंभीर आरोप लगाते हुए राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। यह मामला अब केवल पार्टी स्तर तक सीमित न रहकर पुलिस प्रशासन तक पहुंच चुका है।
दीपाली तिवारी के आरोप क्या हैं?
दीपाली तिवारी का कहना है कि वे पिछले कई वर्षों से पार्टी में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें जिला उपाध्यक्ष पद देने के बदले अनैतिक शर्त रखी गई। उनके अनुसार, उनसे ऐसी मांग की गई जिसे उन्होंने स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया।
दीपाली तिवारी ने यह भी दावा किया कि जब उन्होंने इस मांग को मानने से मना किया, तो उन्हें धमकी दी गई। उनका कहना है कि उन्हें कहा गया कि अगर वे बात नहीं मानेंगी तो उन्हें पद से वंचित रखा जाएगा और सिर्फ जिला मंत्री पद पर ही सीमित कर दिया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय में दी शिकायत
इस पूरे मामले के बाद दीपाली तिवारी पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुंचीं और लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी विस्तार से दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके साथ मानसिक दबाव बनाया गया और राजनीतिक पद का लालच देकर गलत मांग की गई। दीपाली ने यह भी कहा कि यह मामला केवल उनके साथ नहीं बल्कि पार्टी की आंतरिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़ा करता है।
धमकी देने के भी आरोप
दीपाली तिवारी ने आगे आरोप लगाया कि उन्हें केवल पद से वंचित करने की धमकी ही नहीं दी गई, बल्कि उनके परिवार को भी डराने की कोशिश की गई। उनके अनुसार, उनसे कहा गया कि यदि उन्होंने चुप नहीं बैठी तो उनके पति के खिलाफ गंभीर कानूनी धाराएं लगवाकर उन्हें जेल भेजा जा सकता है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
बीजेपी जिला अध्यक्ष का जवाब
इन सभी आरोपों को बीजेपी जिला अध्यक्ष मोहनलाल कुशवाहा ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा है कि उनके खिलाफ लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और इनमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मामला उनकी छवि खराब करने की एक साजिश है। मोहनलाल कुशवाहा ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए उनके खिलाफ गलत बातें फैलाई जा रही हैं, जिसका उद्देश्य केवल राजनीतिक नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने इन आरोपों का पूरी तरह से खंडन किया है।
पुलिस जांच में जुटी
मामला अब पुलिस जांच के दायरे में आ चुका है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज होने के बाद जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे और सभी तथ्यों की गहन जांच की जाएगी।
महोबा का यह राजनीतिक विवाद अब गंभीर रूप ले चुका है। एक तरफ पूर्व जिला मंत्री गंभीर आरोप लगा रही हैं, वहीं दूसरी ओर बीजेपी जिला अध्यक्ष इन आरोपों को सिरे से खारिज कर रहे हैं। पुलिस जांच के बाद ही इस मामले की सच्चाई सामने आएगी। फिलहाल यह मामला जिले की राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और लगातार सुर्खियों में है।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!