ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
पश्चिम बंगाल की राजनीति को हिला देने वाले हाई-प्रोफाइल चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में अब तक तीन शूटरों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस केस का कनेक्शन उत्तर प्रदेश और बिहार से जुड़ने के बाद मामला और भी संवेदनशील हो गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी राज सिंह को उत्तर प्रदेश के अयोध्या से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी मूल रूप से बलिया का रहने वाला बताया जा रहा है, लेकिन वह लंबे समय से बिहार के बक्सर में रह रहा था। वारदात के बाद वह अपनी पहचान छिपाकर अयोध्या में छिपा हुआ था।
कैसे हुई गिरफ्तारी?
कोलकाता पुलिस को इनपुट मिला था कि हत्या में शामिल शूटर यूपी में छिपा हुआ है। इसके बाद अयोध्या पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त ऑपरेशन चलाया गया। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी राज सिंह को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर कोलकाता ले जाया गया है, जहां उससे लगातार पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस हत्या के पीछे किसका दिमाग था और आखिर शूटरों को सुपारी किसने दी थी। जांच एजेंसियों को शक है कि इस पूरी वारदात की प्लानिंग काफी पहले से की गई थी।
मध्यमग्राम में हुई थी हत्या
चंद्रनाथ रथ की हत्या उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर की गई थी। घटना के बाद पूरे पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल गरमा गया था। बीजेपी ने इस हत्या को राजनीतिक साजिश बताते हुए राज्य सरकार और पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए थे। हत्याकांड के बाद विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा था कि अपराधियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में पुलिस पर जल्द से जल्द आरोपियों को पकड़ने का भारी दबाव था।
तीन शूटर गिरफ्तार, आगे और खुलासों की उम्मीद
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में अब तक तीन शूटर गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि क्या इस हत्या के पीछे कोई राजनीतिक या आपराधिक गिरोह सक्रिय था। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस केस में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच कई एंगल से की जा रही है।
बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल
इस हत्याकांड ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है। बीजेपी और टीएमसी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। वहीं, आम लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर काफी चर्चा है। अब सबकी नजर पुलिस जांच पर टिकी हुई है कि आखिर चंद्रनाथ रथ की हत्या के पीछे असली मास्टरमाइंड कौन है
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!