ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। रविवार को हुए इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम में छह नए चेहरों को मंत्रिमंडल में शामिल किया गया, जबकि दो मंत्रियों को प्रमोशन देकर स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सभी मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस विस्तार को सिर्फ मंत्री बनाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की बड़ी सामाजिक और राजनीतिक रणनीति माना जा रहा है। बीजेपी ने इस बार जाट, ब्राह्मण, दलित, गुर्जर, लोध और अति पिछड़े समाज के नेताओं को जगह देकर साफ संकेत दिया है कि पार्टी हर वर्ग को साथ लेकर चलना चाहती है।
भूपेन्द्र चौधरी को बड़ा इनाम
पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी को कैबिनेट मंत्री बनाकर बीजेपी ने जाट समाज को साधने की कोशिश की है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। इससे पहले भी वह योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं। 2024 लोकसभा चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करने के बाद लंबे समय से उनके मंत्री बनने की चर्चा चल रही थी।
मनोज पांडेय के जरिए ब्राह्मण कार्ड
ऊंचाहार से विधायक मनोज पांडेय को कैबिनेट मंत्री बनाकर बीजेपी ने ब्राह्मण समाज को बड़ा संदेश दिया है। मनोज पांडेय पहले समाजवादी पार्टी के बड़े ब्राह्मण चेहरों में गिने जाते थे। राज्यसभा चुनाव के दौरान सपा से बगावत कर बीजेपी का समर्थन करने का उन्हें राजनीतिक फायदा मिला है।
दलित और पासी समाज पर फोकस
फतेहपुर की खागा सीट से विधायक कृष्णा पासवान को मंत्री बनाकर बीजेपी ने दलित और खासतौर पर पासी समाज को साधने की कोशिश की है। लोकसभा चुनाव 2024 में पासी समाज का बड़ा वोट बैंक बीजेपी से दूर जाता दिखाई दिया था। ऐसे में कृष्णा पासवान को मंत्री बनाना पार्टी की रणनीतिक चाल मानी जा रही है। वहीं, सुरेंद्र दिलेर को मंत्री बनाकर वाल्मीकि समाज को प्रतिनिधित्व दिया गया है। पश्चिमी यूपी में इस समाज की अच्छी पकड़ मानी जाती है।
संगठन और पीएम मोदी से जुड़े चेहरों को मौका
वाराणसी से विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनावी अभियानों में उनकी अहम भूमिका रही है। बीजेपी संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहने का उन्हें फायदा मिला।
पश्चिमी यूपी और OBC समीकरण पर जोर
मेरठ दक्षिण से विधायक सोमेंद्र तोमर को प्रमोट कर स्वतंत्र प्रभार दिया गया है। गुर्जर समाज में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। वहीं, अजीत सिंह पाल को भी प्रमोशन देकर बीजेपी ने पाल समाज को साधने का प्रयास किया है।
कन्नौज के कैलाश राजपूत को मंत्री बनाकर बीजेपी ने लोध समाज को मजबूत संदेश दिया है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह कदम सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को उनके गढ़ कन्नौज में चुनौती देने की रणनीति का हिस्सा है।
2027 चुनाव की तैयारी शुरू
योगी सरकार का यह मंत्रिमंडल विस्तार सीधे तौर पर 2027 विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। बीजेपी ने इस विस्तार के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी हर जाति और क्षेत्र को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना चाहती है। अब देखना होगा कि यह नई टीम आने वाले चुनाव में बीजेपी को कितना फायदा पहुंचाती है।
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