ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में एचडीएफसी बैंक की पनकी शाखा से जुड़ा विवाद इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में बैंक की पूर्व कर्मचारी ऋतु त्रिपाठी और उनके पति ऋषि मिश्रा ने गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं दूसरी ओर बैंक की रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह ने भी अपनी तरफ से सफाई दी है। इस पूरे विवाद ने अब जातीय टिप्पणी, मानसिक प्रताड़ना और सोशल मीडिया धमकियों जैसे कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ऋषि मिश्रा का आरोप: ‘ब्राह्मण होने की वजह से दबाया जा रहा’
ऋतु त्रिपाठी के पति ऋषि मिश्रा का कहना है कि उन्हें और उनके परिवार को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उनका दावा है कि सोशल मीडिया पर उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। भावुक होते हुए ऋषि मिश्रा ने कहा कि क्या उन्हें बेइज्जती भी सहनी पड़ेगी और मानहानि का केस भी झेलना पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सिर्फ ब्राह्मण होने की वजह से उन्हें दबाने की कोशिश की जा रही है।
ऋषि मिश्रा का यह भी कहना है कि उन्होंने किसी तरह का वीडियो वायरल नहीं किया। उनके मुताबिक, यदि वे ऐसा करना चाहते तो काफी पहले कर सकते थे। उन्होंने मांग की है कि बैंक की सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक की जाए, जिससे यह साफ हो सके कि विवाद की शुरुआत किसने की थी।
ऋतु त्रिपाठी का दावा: बैंक में मिला मानसिक तनाव और प्रताड़ना
ऋतु त्रिपाठी ने बैंक में अपने कार्यकाल को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने नवंबर 2024 में एचडीएफसी बैंक जॉइन किया था, लेकिन वहां का माहौल उनके लिए बेहद तनावपूर्ण था। ऋतु के मुताबिक, उन्होंने बैंक प्रबंधन को बताया था कि उनकी एक छोटी बेटी है, फिर भी उन्हें कई बार देर रात तक काम करने के लिए रोका जाता था।
ऋतु ने ब्रांच मैनेजर सुमित सिंह पर भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मैनेजर उन्हें केबिन में बुलाकर घर छोड़ने की बात करते थे। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन पर इस्तीफा देने का दबाव बनाया गया। ऋतु का कहना है कि लगातार मानसिक तनाव और दबाव के कारण उन्हें नौकरी छोड़नी पड़ी।
आस्था सिंह की सफाई: ‘जाति पूछकर की गई अभद्रता’
इस मामले में रिलेशनशिप मैनेजर आस्था सिंह ने भी अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि विवाद तब शुरू हुआ जब ऋषि मिश्रा ने उनकी जाति के बारे में सवाल किया और अभद्र व्यवहार किया। आस्था सिंह का कहना है कि उन्हें अपने ठाकुर होने पर गर्व है और उन्होंने सिर्फ अपनी गरिमा और सम्मान की रक्षा के लिए जवाब दिया था।
मामले ने खड़े किए कई सवाल
इस विवाद के बाद मामला सिर्फ कार्यस्थल के विवाद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सामाजिक और जातीय मुद्दों तक पहुंच गया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं ऋतु त्रिपाठी ने जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत भी दर्ज कराई है और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि पुलिस और प्रशासन इस मामले की जांच में क्या निष्कर्ष निकालते हैं। सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य इस पूरे विवाद की सच्चाई सामने लाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
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