ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
प्रयागराज के गंगानगर जोन के फाफामऊ क्षेत्र के चंदापुर में सोमवार दोपहर करीब दो बजे एक कोल्ड स्टोरेज में बड़ा हादसा हुआ, जब उसका जर्जर हिस्सा अचानक गिर गया।
हादसे के बाद कोल्ड स्टोरेज से अमोनिया गैस का रिसाव भी शुरू हो गया,
जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ जैसे हालात बने और राहत-बचाव के लिए
प्रशासनिक टीमें तुरंत सक्रिय हुईं।
घटना के बाद यह भी साफ हुआ कि इमारत का गिरा हिस्सा काफी कमजोर हालत
में था और हादसे के बाद पूरा फोकस मलबे में दबे लोगों को निकालने पर रहा।
राहत-बचाव अभियान
हादसे के
18 घंटे बाद तक भी रेस्क्यू
ऑपरेशन जारी रहा और मौके पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और फायर
ब्रिगेड की टीमें बचाव कार्य में लगी रहीं।
मलबा हटाने का काम लगातार जारी रखा गया और कई थानों की पुलिस फोर्स
भी मौके पर तैनात की गई।
पुलिस और प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहे और राहत कार्य
की निगरानी करते रहे।
रेस्क्यू टीम की कोशिश यह थी कि मलबे के नीचे दबे लोगों को जल्द से
जल्द बाहर निकाला जाए और गैस रिसाव की वजह से हालात और न बिगड़ें।
मौत और घायलों की जानकारी
इस हादसे
में 4 लोगों की मौत की पुष्टि
हुई है।
इसके अलावा 14 लोग घायल हुए हैं और उनका इलाज
अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।
घायलों की संख्या और हादसे की गंभीरता को देखते हुए मौके पर मेडिकल
सहायता और आपात व्यवस्था भी बढ़ाई गई।
प्रशासन की ओर से राहत और इलाज दोनों पर एक साथ काम किया गया,
क्योंकि हादसा इमारत गिरने और गैस रिसाव दोनों से जुड़ा था।
अमोनिया गैस रिसाव
रेस्क्यू
टीम ने अमोनिया गैस का रिसाव बाद में बंद करा दिया।
हालांकि रिसाव बंद होने के बाद भी लोगों को सांस लेने में दिक्कत
होने की बात सामने आई।
गैस लीक की वजह से आसपास के लोगों में डर और परेशानी बढ़ी और बचाव
अभियान को अतिरिक्त सावधानी के साथ चलाना पड़ा।
इसी कारण राहत टीमों ने मलबा हटाने के साथ-साथ गैस रिसाव की स्थिति
को नियंत्रित करने पर भी काम किया।
प्रशासनिक हलचल
घटनास्थल
पर कई थानों की पुलिस फोर्स की तैनाती की गई और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी मौके
पर पहुंचे।
बचाव अभियान के दौरान लगातार हालात पर नजर रखी गई और प्रभावित इलाके
में आवाजाही को भी नियंत्रित किया गया।
हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर कोल्ड स्टोरेज के आसपास के क्षेत्र
में सतर्कता बढ़ा दी गई।
प्रशासन ने प्राथमिकता के आधार पर मलबे में दबे लोगों को निकालने,
घायलों को अस्पताल पहुंचाने और गैस रिसाव को रोकने का काम किया।
सुरक्षा से जुड़ा मामला
घटना के
बाद इलाके में मौजूद दूसरे कोल्ड स्टोरेज और कारखानों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल
उठे हैं।
हादसे के कारणों की जांच और इमारत की स्थिति को लेकर आगे कार्रवाई
की प्रक्रिया भी चर्चा में आई।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक राहत-बचाव कार्य को प्राथमिकता दी
गई और प्रशासन की टीमें लंबे समय तक मौके पर बनी रहीं।
प्रयागराज का यह हादसा स्थानीय प्रशासन, राहत
एजेंसियों और औद्योगिक ढांचों की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा बड़ा मामला बन गया है।
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