ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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राजधानी दिल्ली में 'चलो संसद' मार्च से पहले नया विवाद खड़ा हो गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने दावा किया है कि जंतर-मंतर के पास पत्थरों और ईंटों से लदा एक ट्रक खड़ा मिला है। इस दावे के बाद प्रदर्शन स्थल के आसपास हलचल बढ़ गई है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। दूसरी ओर, CJP का कहना है कि उनका मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और किसी भी तरह की हिंसा के लिए संगठन जिम्मेदार नहीं होगा।
अभिजीत दीपके ने साझा किया वीडियो
CJP के प्रमुख नेताओं में शामिल अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि जंतर-मंतर के पास पत्थरों और ईंटों से भरा ट्रक खड़ा है। वीडियो में उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर प्रदर्शन स्थल के पास इस तरह का ट्रक क्यों मौजूद है। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसक दिखाने की कोशिश तो नहीं की जा रही।
कार्यकर्ताओं ने जताई चिंता
CJP के कुछ समर्थकों ने भी दावा किया कि उन्होंने पत्थरों से भरा ट्रक और उसके पास कुछ क्षतिग्रस्त वाहन देखे हैं। उनका कहना है कि इस तरह की स्थिति को लेकर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि किसी भी तरह की गलतफहमी या तनाव की स्थिति न बने।
शांतिपूर्ण मार्च की अपील
आयोजकों ने अपने सभी समर्थकों से अपील की है कि वे प्रदर्शन के दौरान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहें। उन्होंने कहा कि न तो कोई गलत काम करें और न ही किसी को ऐसा करने दें। CJP का कहना है कि उनका मार्च पूरी तरह अहिंसक रहेगा और किसी भी उकसावे में नहीं आया जाएगा।
दिल्ली पुलिस से की अपील
CJP नेताओं ने दिल्ली पुलिस से भी निष्पक्ष तरीके से सुरक्षा व्यवस्था संभालने की अपील की है। उनका कहना है कि यदि प्रदर्शन के दौरान कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि, दिल्ली पुलिस की ओर से इस दावे पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
संसद सत्र के बीच बढ़ी सुरक्षा
'चलो संसद' मार्च ऐसे समय आयोजित किया जा रहा है, जब संसद का मानसून सत्र भी चल रहा है। इसे देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी कर दी गई है। जंतर-मंतर, संसद मार्ग और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
दावे की पुष्टि बाकी
पत्थरों से भरे ट्रक को लेकर CJP द्वारा किए गए दावों की अभी तक किसी स्वतंत्र एजेंसी या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में इस मामले की सच्चाई सामने आने का इंतजार है। फिलहाल, आयोजकों का कहना है कि उनका उद्देश्य शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात सरकार और संसद तक पहुंचाना है और वे अहिंसा के रास्ते पर ही आगे बढ़ेंगे।
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