ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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दिल्ली सरकार ने प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (पीयूसीसी) तैयार करने में गड़बड़ियां पाए जाने के बाद राजधानी के 27 पीयूसी जांच केंद्रों का लाइसेंस निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और प्रदूषण नियंत्रण के मामले में सख्ती बरती जाएगी।
पीयूसीसी केंद्रों में मिली गड़बड़ी
राजधानी में चल रहे पीयूसी जांच केंद्रों में कुछ स्थानों पर फर्जी प्रमाणपत्र बनाए जाने की जानकारी मिली। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर नजर रखी जा सके और वाहनों से निकलने वाले धुएं को नियंत्रित किया जा सके। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि गलत प्रमाणपत्र बनाने वाले किसी भी केंद्र के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण के उपाय
दिल्ली सरकार ने बताया कि वह प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए दो स्तरों पर कार्य कर रही है।
1. फौरी उपाय: तुरंत प्रभाव से प्रदूषण नियंत्रण के लिए उपाय करना।
2. दीर्घकालीन उपाय: लंबे समय तक प्रदूषण को नियंत्रित करने और कम करने के लिए ठोस योजना बनाना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वाहनों से निकलने वाला धुआं राजधानी के प्रदूषण का मुख्य कारण है। इसलिए न केवल प्रदूषित वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, बल्कि सड़क पर यातायात जाम को नियंत्रित करने के लिए भी उपाय किए जा रहे हैं।
डीटीसी ड्राइवरों की मदद से ट्रैफिक नियंत्रण
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने अस्थायी तौर पर ट्रैफिक पुलिस को डीटीसी के 600 सरप्लस ड्राइवर उपलब्ध कराए हैं। ये ड्राइवर ट्रैफिक पुलिस के साथ मिलकर सड़क पर यातायात संचालन कर रहे हैं और जाम की स्थिति को सामान्य बनाने में मदद कर रहे हैं।
पेट्रोल पंपों पर 24 घंटे पीयूसीसी जांच
राजधानी के 500 पेट्रोल पंपों पर तीन पारियों में 24 घंटे पीयूसीसी जांच जारी है। हर पंप पर दो-दो ड्राइवर (कुल 3,000 ड्राइवर) वाहनों की जांच कर रहे हैं और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को ईंधन लेने से रोक रहे हैं। इसी सजगता के कारण गड़बड़ी करने वाले 27 पीयूसी जांच केंद्रों का लाइसेंस निलंबित किया गया।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि प्रदूषण नियंत्रण सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वाहन और ईंधन संबंधित नियमों का पालन करें। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सरकार केवल गड़बड़ी करने वाले केंद्रों पर कार्रवाई नहीं कर रही, बल्कि सड़क पर ट्रैफिक नियंत्रण और प्रदूषण कम करने के लिए कई ठोस कदम उठा रही है।
दिल्ली में प्रदूषण को नियंत्रित करना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। पीयूसीसी जांच में गड़बड़ी और वाहनों से निकलने वाला धुआं राजधानी की वायु गुणवत्ता पर प्रतिकूल असर डाल रहे हैं। सरकार की इस कड़ी कार्रवाई और 24 घंटे पेट्रोल पंप पर जांच अभियान से यह संदेश स्पष्ट है कि दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण और यातायात प्रबंधन को गंभीरता से लिया जा रहा है।
इस कदम से न केवल दोषी केंद्रों को सजा मिलेगी, बल्कि आम जनता और वाहन मालिक भी जागरूक होंगे। सरकार की सजगता और सख्ती से यह उम्मीद जताई जा रही है कि राजधानी में वायु प्रदूषण को प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा।
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