ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
दिल्ली के जाफराबाद में परिवारिक रंजिश के बीच दो सगे भाइयों नदीम और फजील की गोली मारकर हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया है। यह घटना सिर्फ एक क्राइम स्टोरी नहीं, बल्कि परिवार के अंदर बढ़ती कड़वाहट और लोकल स्तर पर फैलते हिंसक झगड़ों की गंभीर तस्वीर भी दिखाती है।
जाफराबाद की रात में दो मौतें
दिल्ली के जाफराबाद थाना क्षेत्र के चौहान
बांगर इलाके में सोमवार और मंगलवार की दर्मियानी रात गोलियों की आवाज ने लोगों की
नींद उड़ा दी। रात करीब डेढ़ बजे बदमाशों ने 31 साल के फजील और
33 साल के नदीम को गोलियों से निशाना बनाया और मौके से फरार हो गए।
परिवार का आरोप: रिश्तेदारों ने ही ले ली जान
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि आरोप किसी
बाहरी गैंग या आपराधिक गिरोह पर नहीं, बल्कि घर के ही लोगों पर लग रहे हैं।
मृतकों के बड़े भाई ने सीधा आरोप लगाया है कि उनकी बुआ के बेटों ने ही आपसी रंजिश
के चलते इस हत्या की साजिश रची और उसे अंजाम दिया।
मौके पर क्या हुआ, कैसे
चली गोलियां
घटना जाफराबाद के चौहान बांगर की एक गली में
हुई, जहां रात के समय आम तौर पर सन्नाटा रहता है। जानकारी के मुताबिक
अचानक फायरिंग की आवाज सुनकर लोग घबराकर घरों से बाहर निकले, लेकिन
तब तक हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग चुके थे।
कौन थे नदीम और फजील?
पुलिस के अनुसार फजील जाफराबाद के गली नंबर 30/8
में रहता था और उम्र के तीसरे दशक में था। उसका भाई नदीम उससे दो साल बड़ा था और
दोनों परिवार के लिए सहारा माने जाते थे।
पुलिस की कार्रवाई और केस दर्ज
घटना की सूचना मिलते ही जाफराबाद थाने की पुलिस
टीम रात में ही मौके पर पहुंची और सबसे पहले पूरे इलाके को घेरकर मौके की जांच
शुरू की। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, ताकि
गोली लगने की दिशा, दूरी और बाकी तकनीकी सबूत साफ हो सकें।
घटना के बाद फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और
गली से गोलियों के खोखे, ब्लड सैंपल और अन्य सबूत इकट्ठा किए।
ऐसे सबूत आगे चलकर यह साबित करने में मदद करते हैं कि किस तरह और किस हथियार से
फायरिंग हुई।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस केस की जांच के
लिए विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो अलग-अलग एंगल से पूरे मामले को देख
रही हैं। कुछ टीमें परिवार और रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही हैं, जबकि
अन्य टीमें टेक्निकल सर्विलांस और फुटेज की मदद से हमलावरों के मूवमेंट को ट्रैक
कर रही हैं।
यह मामला सिर्फ एक मोहल्ले की वारदात नहीं है,
बल्कि
यह दिखाता है कि परिवारिक झगड़े किस तरह से खून-खराबे में बदल सकते हैं। कई बार
छोटी-छोटी बातों पर शुरू हुआ विवाद समय रहते सुलझ नहीं पाता और अंदर ही अंदर जहर
की तरह बढ़ता जाता है।
दोनों भाइयों की मौत के बाद चौहान बांगर और
आसपास के इलाकों में मातम का माहौल है। लोग खुले तौर पर कह रहे हैं कि अगर आरोप
सही हैं तो रिश्तेदारों के हाथों हुआ यह खून का खेल समाज के लिए बहुत खतरनाक संकेत
है।
कानून व्यवस्था और समाज की जिम्मेदारी
दिल्ली जैसे बड़े शहर में लगातार सामने आ रही
शूटिंग की घटनाएं कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठाती हैं। लोगों के मन में यह चिंता
है कि अगर पारिवारिक झगड़े भी अब गोलियों से सुलझाए जाने लगे, तो
आम नागरिक की सुरक्षा कहा तक सुरक्षित रह पाएगी।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!