ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
मिडिल ईस्ट में चल रहे अमेरिका-इजरायल और ईरान के तनाव के बीच बॉलीवुड और साहित्य जगत से भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने सैन्य कार्रवाई पर कड़ी टिप्पणी की है, जबकि अभिनेत्री एलनाज नौरोजी ने ईरान के सर्वोच्च नेता की मौत पर खुशी जताई है। वहीं, मंदाना करीमी और एजाज खान ने भी इस पूरे मामले पर अपनी राय रखी है।
जावेद अख्तर ने ट्रंप और नेतन्याहू पर साधा निशाना
जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उन्हें लगता है कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस बार हद पार कर दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के साथ भी इराक जैसा व्यवहार किया गया, तो इससे वैश्विक राजनीति में चीन की स्थिति कमजोर हो सकती है।
अख्तर के मुताबिक, जब ताकतवर देश लगातार सैन्य कार्रवाई करते हैं, तो दूसरे देशों के पास मजबूरी में कड़े फैसले लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। उनका संकेत था कि बढ़ता तनाव किसी बड़े संकट की ओर ले जा सकता है। इस बयान ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है—कुछ लोग इसे सही मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे एकतरफा दृष्टिकोण बता रहे हैं।
एलनाज नौरोजी की प्रतिक्रिया: खामेनेई की मौत पर खुशी
दूसरी ओर, एलनाज नौरोजी ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर पर खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा— “47 साल से जिस खबर का इंतजार था, वह आ गई। भगवान सबसे बड़ा है।” उन्होंने इस खबर को शेयर करते हुए थैंक्यू और खुशी वाले इमोजी भी पोस्ट किए।
एलनाज पहले भी ईरान में महिलाओं के अधिकारों को लेकर खुलकर बोलती रही हैं। 2022 में उन्होंने ईरान की ‘मॉरालिटी पुलिस’ के खिलाफ प्रतीकात्मक विरोध किया था, जिसमें उन्होंने कई परतों वाले कपड़े उतारकर यह संदेश दिया था कि महिलाओं को अपनी पसंद से जीवन जीने का अधिकार होना चाहिए।
ईरान में महिला अधिकारों पर एलनाज की आवाज
सितंबर 2022 में महसा अमीनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद ईरान में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए थे। एलनाज ने इन प्रदर्शनों का समर्थन किया था और कहा था कि महिलाओं के साथ हो रहे अन्याय पर दुनिया को ध्यान देना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी महिला की पहचान और स्वतंत्रता को दबाना गलत है।
यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना था, क्योंकि ईरान में महिला अधिकारों को लेकर लंबे समय से विवाद चलता आ रहा है। एलनाज ने कहा था कि बदलाव तभी आएगा जब समाज महिलाओं की स्वतंत्रता को स्वीकार करेगा।
मंदाना करीमी और एजाज खान की राय
मंदाना करीमी ने भी खामेनेई की मौत पर प्रतिक्रिया दी और ईरानी मीडिया के रोने वाले एंकर का मजाक उड़ाया। उनका कहना था कि वर्षों से जिस खबर का इंतजार था, वह आखिरकार सामने आई है।
वहीं, एजाज खान ने वीडियो जारी कर मिडिल ईस्ट के हालात पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि रमजान के पवित्र महीने में युद्ध और बमबारी दुखद है। उनके मुताबिक, यह सब इंसानियत के खिलाफ है और अल्लाह से दुआ करनी चाहिए कि हालात सुधरें।
मिडिल ईस्ट का तनाव केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं रह गया है—इसका असर समाज, कला और संस्कृति तक पहुंच रहा है। बॉलीवुड और साहित्य जगत से आई प्रतिक्रियाएं दिखाती हैं कि लोग इस स्थिति को लेकर अलग-अलग विचार रखते हैं।
जहां कुछ लोग सैन्य कार्रवाई की आलोचना कर रहे हैं, वहीं कुछ इसे न्याय और बदलाव के नजरिए से देख रहे हैं। सबसे अहम बात यह है कि शांति और संवाद ही किसी भी समस्या का स्थायी समाधान हो सकता है। युद्ध और हिंसा से हालात और बिगड़ते हैं। अब जरूरत है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय बातचीत के जरिए समाधान खोजे, ताकि आम लोगों को नुकसान न हो और क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे।
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