ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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बांग्लादेश में आगामी चुनावों से पहले माहौल काफी तनावपूर्ण नजर आ रहा है। इसी बीच हिंदू समुदाय से जुड़ी हिंसा की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में चम्पारा इलाके से एक हिंदू युवक का शव मिलने की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
चाय बागान से मिला युवक का शव
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चम्पारा क्षेत्र के एक चाय बागान में रतन साहूकार नाम के युवक की लाश बरामद की गई। शव की हालत बेहद खराब थी और शरीर पर कई चोटों के निशान पाए गए। बताया जा रहा है कि रतन का शव खून से लथपथ था और उसके दोनों पैर भी बंधे हुए थे, जिससे हत्या की आशंका और मजबूत हो गई है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि हत्या के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी, सांप्रदायिक तनाव या कोई अन्य कारण है।
पहले भी हो चुकी है हिंदू व्यापारी की हत्या
इस घटना से पहले भी बांग्लादेश में हिंदू समुदाय से जुड़े लोगों पर हमले की खबर सामने आई थी। मयमनसिंह जिले के त्रिशाल उपजिला में 62 वर्षीय हिंदू व्यापारी सुसेन चंद्र सरकार की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।
सुसेन चंद्र सरकार ‘भाई भाई एंटरप्राइज’ नाम की दुकान चलाते थे। रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन पर धारदार हथियार से हमला किया। हमले के बाद आरोपी उन्हें दुकान के अंदर ही छोड़कर शटर बंद कर फरार हो गए। जब सुसेन देर तक घर नहीं पहुंचे तो परिवार के लोग उन्हें ढूंढते हुए दुकान पहुंचे। शटर खोलने पर वे अंदर खून से लथपथ हालत में मिले। इस घटना ने भी इलाके में डर और तनाव का माहौल बना दिया था।
दिसंबर के बाद बढ़ी हिंसा की घटनाएं
बताया जा रहा है कि दिसंबर 2025 में कट्टरपंथी युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद से बांग्लादेश में सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया है। चुनाव नजदीक आते ही हिंसा की घटनाओं में तेजी देखी गई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सिर्फ दिसंबर महीने में ही सांप्रदायिक हिंसा की 51 घटनाएं दर्ज की गई थीं।
इन घटनाओं के बाद से हिंदू समुदाय में डर का माहौल है और सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। कई सामाजिक संगठनों ने सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
अलग-अलग जिलों से सामने आ रही हिंसा की खबरें
पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश के अलग-अलग जिलों से हिंदू समुदाय के लोगों पर हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं। नरसिंदी जिले में 25 वर्षीय एक हिंदू युवक को उस समय जिंदा जला दिया गया था, जब वह एक गैराज में सो रहा था। पुलिस ने इस मामले को संदिग्ध बताया और सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की, लेकिन अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
इसके अलावा, राजबाड़ी जिले में एक हिंदू पेट्रोल पंप कर्मचारी की मौत का मामला भी सामने आया। बताया गया कि एक ग्राहक बिना पैसे दिए भागने की कोशिश कर रहा था और उसी दौरान उसने कर्मचारी को वाहन से कुचल दिया। पुलिस ने वाहन मालिक और चालक को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन यह घटना सांप्रदायिक है या नहीं, इसकी जांच जारी है।
चुनावी माहौल में बढ़ी चिंता
बांग्लादेश में चुनावी माहौल के बीच लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने सामाजिक सौहार्द पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा एजेंसियां मामलों की जांच में जुटी हैं, लेकिन अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। सरकार पर अब इन घटनाओं को रोकने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का दबाव बढ़ता जा रहा है।
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