ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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हाल के समय में पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों में खटास साफ़ नजर आ रही है। लंबे समय तक जिस अमेरिका की चापलूसी पाकिस्तान करता रहा, उसी के खिलाफ अब विरोध के सुर तेज हो गए हैं। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में एक भावुक और निशानेबाज बयान दिया, जिसमें उन्होंने अमेरिका की आलोचना करते हुए अपने देश की पुरानी गलतियों और भविष्य की हिफाजत पर जोर दिया। यह बयान खास तौर पर अहम इसलिए है क्योंकि हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण ट्रेड डील पूरी हुई है, जिससे क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरण भी प्रभावित हुए हैं।
अमेरिका के खिलाफ ख्वाजा आसिफ का बयान
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि अमेरिका ने हमेशा पाकिस्तान का उपयोग अपने हितों के लिए किया और जब काम निकल गया तो उसे छोड़ दिया। उन्होंने अफगानिस्तान के युद्ध का उदाहरण देते हुए बताया कि तालिबान ने रूस के खिलाफ जिहाद का ढोंग किया था, लेकिन अमेरिका के कहने पर पाकिस्तान इसमें कूद गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जिहाद नहीं था क्योंकि रूस ने अफगानिस्तान पर कब्जा नहीं किया था।
ख्वाजा ने 2001 में हुई पाकिस्तान की गलती का भी जिक्र किया, जब उन्होंने तालिबान के खिलाफ अमेरिका के लिए लड़ाई की। उन्होंने कहा कि अमेरिका चला गया, लेकिन पाकिस्तान आज भी इस कदम का भारी नुकसान उठा रहा है। उन्होंने इस सिलसिले में पाकिस्तान के पूर्व सेना प्रमुख जनरल जियाउल हक और परवेज मुशर्रफ को भी आलोचना का निशाना बनाया।
अफगानिस्तान का युद्ध और पाकिस्तान की भूमिका
ख्वाजा आसिफ ने अफगानिस्तान में 1980 में रूस के खिलाफ विद्रोह का हवाला देते हुए कहा कि यह अमेरिका के इशारे पर किया गया था। पाकिस्तान की उस समय की सरकार ने अपने हितों को देखते हुए देशवासियों को इस युद्ध में शामिल किया, जो एक बड़ी गलती थी। ख्वाजा ने स्पष्ट किया कि इस कदम के लंबे समय तक पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा और इसके प्रभाव आज भी महसूस किए जा रहे हैं।
अमेरिका का 'टॉयलेट पेपर' वाला उदाहरण
रक्षा मंत्री ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा कि पाकिस्तान ने अमेरिका को हर सुविधा दी—पोर्ट, एयरस्पेस और अफगानिस्तान में युद्ध के लिए हर जरूरी संसाधन। लेकिन अमेरिका ने पाकिस्तान का उपयोग करने के बाद उसे टॉयलेट पेपर की तरह फेंक दिया। यह बयान अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों की जटिलता को उजागर करता है और यह बताता है कि पाकिस्तान लंबे समय से अमेरिकी नीतियों में ठगा महसूस कर रहा है।
भविष्य के लिए पाकिस्तान की चेतावनी
ख्वाजा आसिफ का यह बयान पाकिस्तान के विदेश नीति और रक्षा रणनीति के बारे में भी संकेत देता है। उन्होंने साफ किया कि पाकिस्तान अब अपने हितों की रक्षा के लिए किसी भी साजिश या दबाव को नजरअंदाज नहीं करेगा। उनका कहना है कि पाकिस्तान की सीमाओं और संसाधनों को अमेरिका या किसी अन्य शक्ति के इशारे पर बर्बाद नहीं किया जा सकता।
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