ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा की गई एयर स्ट्राइक को लेकर भारत की ओर से पहला आधिकारिक बयान सामने आया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने रविवार (22 फरवरी) को इस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि यह कदम पाकिस्तान की आंतरिक विफलताओं को छिपाने और उनका बाहरीकरण करने की कोशिश है।
भारत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और स्वतंत्रता का सम्मान करता है और इस तरह की सैन्य कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जा सकता।
रमजान के दौरान हमला, नागरिकों की मौत पर चिंता
विदेश मंत्रालय ने खास तौर पर इस बात पर चिंता जताई कि यह हमला रमजान के पवित्र महीने में किया गया। प्रवक्ता ने कहा कि इस दौरान महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों की जान जाना बेहद निंदनीय है।
भारत ने दोहराया कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखना सभी देशों की जिम्मेदारी है। ऐसे हमले हालात को और बिगाड़ सकते हैं और आम लोगों को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं।
किन इलाकों को बनाया गया निशाना?
अफगान मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी फाइटर जेट्स ने नांगरहार प्रांत के खोग्यानी और गनी खेल जिलों के साथ-साथ पतिका प्रांत के बेरमल और अर्गुन जिलों में कई ठिकानों को निशाना बनाया।
बताया जा रहा है कि सितंबर 2025 के बाद से यह पाकिस्तान की चौथी एयर स्ट्राइक है। अक्टूबर 2025 में कतर और तुर्किये की मध्यस्थता के बाद संघर्षविराम की घोषणा हुई थी, लेकिन इसके बावजूद हमले रुक नहीं पाए हैं।
नागरिकों की मौत का दावा
एक अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के हवाले से दावा किया गया है कि बेहसुद जिले में एक ही परिवार के 16 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में एक बच्चा और 80 साल के बुजुर्ग भी शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है।
अगर ये आंकड़े सही हैं, तो यह घटना बेहद गंभीर मानी जाएगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी प्रतिक्रिया देखने को मिल सकती है।
तालिबान सरकार की चेतावनी
पाकिस्तान की इस कार्रवाई पर अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने कड़ी आपत्ति जताई है। अफगान रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि यह हमला देश की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है।
सरकार ने चेतावनी दी है कि समय आने पर इस कार्रवाई का जरूरी और सख्त जवाब दिया जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ आतंकी हमलों के लिए नहीं हो रहा है।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव
इस पूरे घटनाक्रम से दक्षिण एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका है। भारत का बयान इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि भारत लगातार अफगानिस्तान की संप्रभुता का समर्थन करता रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस तरह की सैन्य कार्रवाइयां जारी रहीं, तो क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर असर पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजरें पाकिस्तान और अफगानिस्तान के अगले कदम पर टिकी हैं।
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