ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ईरान में पिछले कई दिनों से सरकार विरोधी विरोध प्रदर्शन तेजी से बढ़ रहे हैं। शुरुआत में यह आंदोलन महंगाई, बेरोज़गारी और आर्थिक कठिनाइयों के विरोध में शुरू हुआ था, लेकिन अब यह सरकार और सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ बड़े आम आंदोलन में बदल गया है। सरकार ने इन प्रदर्शनों को सख्ती से दबाने के प्रयास किए हैं, जिससे हालत और बिगड़ गए हैं।
हिंसा और मौतों की बढ़ती संख्या
प्रदर्शनों पर सुरक्षा बलों के कड़े दमन के कारण हिंसा फैल चुकी है। अलग‑अलग रिपोर्टों में जताया गया है कि अब तक हजारों प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है। कुछ स्रोतों के अनुसार मरने वालों की संख्या लगभग 2,500 से अधिक बताई गई है, जबकि कुछ अन्य रिपोर्टों में यह आंकड़ा कहीं अधिक (12,000 से ऊपर) बताया जा रहा है। यह भिन्नता इंटरनेट बंद और सरकारी सूचना प्रतिबंधों की वजह से है।
सरकार का सख्त उत्तर और इंटरनेट ब्लैकआउट
ईरानी सरकार ने इंटरनेट और फोन सेवाओं को देश भर में बंद कर दिया है, ताकि हिंसा और विद्रोह की खबरें बाहर कम जाएँ। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की, आंसू गैस छोड़ी और कई शहरों में सड़क पर नियंत्रण बहाल करने के लिए बल प्रयोग किया।
इरफान सुल्तानी का मामला: मौत की सजा और अंतरराष्ट्रीय चिंता
विरोध प्रदर्शन के दौरान 26‑साल के इरफान सुल्तानी को गिरफ्तार किया गया और उन पर “खुदा के खिलाफ जंग छेड़ने” का आरोप लगाया गया — जो ईरान में मौत की सजा वाला अपराध है। उनके परिवार को केवल 10 मिनट की आखिरी मुलाकात की अनुमति दी गई थी, जिसके बाद उन्हें फांसी की सजा सुनाई गई। यह मामला दुनिया भर में मानवाधिकार संगठनों और मीडिया का ध्यान आकर्षित कर रहा है।
ट्रंप का बयान और अमेरिका की प्रतिक्रिया
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में इस हिंसा और सजा के फैसले पर कड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि यदि इरफान सुल्तानी जैसे प्रदर्शनकारियों को फांसी दी जाती है, तो अमेरिका “बहुत सख्त कार्रवाई” करेगा। ट्रंप ने ईरानियों को समर्थन भी व्यक्त किया है और संकेत दिया है कि मदद की राह खुली है।
हालाँकि कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ईरान इस प्रकार की सजा पर फिलहाल रोक लगा चुका है और हत्याएं कम हो गई हैं, लेकिन स्थितियों को लेकर स्पष्ट जानकारी मिलना कठिन है।
प्रदर्शन कितने बड़े स्तर पर हैं?
यह विरोध प्रदर्शन केवल स्थानीय स्तर का विरोध नहीं रहे — यह अब देश के लगभग हर हिस्से में फैल चुके हैं। यह आंदोलन अब तक 18 से अधिक दिनों से जारी है और इसे 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद का सबसे बड़ा सामाजिक‑राजनीतिक आंदोलन कहा जा रहा है।
आगे क्या स्थिति हो सकती है?
सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें जारी हैं, और सरकार विरोधी भावना बढ़ती जा रही है। ईरान के भीतर और विदेशों में राजनीतिक दबाव, मानवाधिकार समूहों की चेतावनियाँ और अमेरिका समेत कई देशों की प्रतिक्रियाएँ बढ़ती जा रही हैं। अगर इन स्थितियों पर नियंत्रण नहीं पाया जाता है, तो ईरान में संकट और गहरा सकता है।
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