ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्ला अली खामनेई के दूसरे बड़े बेटे मोज़तााबा खामेनेई को सिर्फ एक धर्मगुरु ही नहीं बल्कि एक वैश्विक संपत्ति नेटवर्क का मालिक भी बताया जा रहा है, जो अरबों डॉलर की संपत्ति को ब्रिटेन से लेकर जर्मनी, दुबई और यूरोप के कई हिस्सों तक फैलाता है। हाल के एक अध्ययन और जांचों से पता चला है कि मोज़तााबा की विदेशी संपत्तियाँ सीधे उनके नाम पर नहीं दिखतीं, बल्कि गुप्त कंपनियों और ईरानी व्यवसायियों के जरिए बड़े पैमाने पर दर्ज हैं। यह खबर इसलिए भी अहम बनती है क्योंकि ईरान के लोग खुद आर्थिक कठिनाइयों और महंगाई से जूझ रहे हैं, लेकिन वहीं उनके सर्वोच्च नेता के बेटे की इतनी विशाल संपत्ति होने का दावा सुर्खियों में है।
मोज़तााबा खामेनेई कौन हैं?
मोज़तााबा खामेनेई 56 वर्ष के हैं और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामनेई के दूसरे बड़े बेटे माने जाते हैं। उन्हें अक्सर संभवतः पिता का उत्तराधिकारी भी बताया जाता रहा है, हालांकि यह आधिकारिक रूप से कभी घोषित नहीं हुआ। उनकी प्रसिद्धि का एक बड़ा हिस्सा उनके वैश्विक निवेश और संपत्ति नेटवर्क के कारण है, जो कई देशों में फैला हुआ है — खासकर यूरोप और मध्य पूर्व में।
विदेशों में संपत्तियों का नेटवर्क
1. लंदन की आलीशान संपत्तियाँ
मोज़तााबा के धन का सबसे बड़ा हिस्सा ब्रिटेन की राजधानी लंदन में पाया जाता है, खासकर ‘बिशप्स एवेन्यू’ नाम के इलाके में। यह इलाका दुनिया के सबसे महंगे आवासीय स्थानों में से एक माना जाता है, जहाँ कई बड़ी‑बड़ी हवेलियाँ और महंगे घर मौजूद हैं। इन संपत्तियों में से एक घर को 2014 में €33.7 मिलियन (लगभग ₹300 करोड़ से ज्यादा) में खरीदा गया था, जो आज भी इस नेटवर्क का हिस्सा माना जाता है।
2. दुबई और मध्य पूर्व
ब्रिटेन के अलावा, मोज़तााबा की संपत्ति में दुबई का नाम भी शामिल है। दुबई के ‘बेवरली हिल्स’ जैसे इलाकों में एक विला इस नेटवर्क में दर्ज है, जहाँ कीमतें अक्सर करोड़ों डॉलर में होती हैं। मिडल ईस्ट में युएई‑आधारित बैंकों के जरिये नकदी को विभिन्न कंपनियों के नाम पर भेजा गया है, जिससे यह संपत्ति नेटवर्क विकसित हो सका है।
3. यूरोप भर के होटल और प्रॉपर्टी
यूरोप में मोज़तााबा से जुड़े कई पांच‑तारे होटल और अन्य लक्ज़री संपत्तियाँ हैं। इनमें जर्मनी के फ्रैंकफर्ट और स्पेन के मलोरका में होटल शामिल हैं। ये होटल और आलीशान संपत्तियाँ यूरोपीय वित्तीय और पर्यटन क्षेत्रों के बीच स्थित हैं, जो ग्राहकों और निवेशकों दोनों को आकर्षित करती हैं।
गुप्त कंपनियों और वित्तीय जाल का पर्दाफाश
इन संपत्तियों का असली मालिकाना हक सीधे मोज़तााबा के नाम पर नहीं दिखता, बल्कि यह सब छुपे हुए शेल कंपनियों (shell companies) और मध्यस्थों के नाम पर दर्ज है। इन कंपनियों के नाम जैसे Ziba Leisure Ltd., Birch Ventures Ltd. और अन्य संस्थाओं को विदेशी निवेश नेटवर्क के रूप में इस्तेमाल किया गया है, ताकि असली मालिकाना रिकॉर्ड पर सीधे नाम न आए। इस तरह के वित्तीय ढांचे का इस्तेमाल बैंकों और विभिन्न देशों के वित्तीय नियमों को बायपास करने के लिए किया गया है, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय नजरों से भी मुश्किल से पकड़ पाना संभव हो जाता है।
धन कहां से आया?
इन अरबों डॉलर की संपत्ति का मूल धन कहाँ से आया, यह एक बड़ा सवाल है। विशेषज्ञों के अनुसार, इसका मुख्य स्रोत ईरानी तेल की बिक्री से प्राप्त राजस्व रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बेचा जाता है। यह धन विभिन्न बैंकों के माध्यम से ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टीन और संयुक्त अरब अमीरात के खातों में गुप्त रूप से ट्रांसफर किया गया, जिससे संपत्ति नेटवर्क का निर्माण संभव हुआ।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद संपत्ति
मोज़तााबा खामेनेई पर संयुक्त राज्य अमेरिका ने 2019 में प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन इसका असर उनकी संपत्ति नेटवर्क की बढ़त पर ज्यादा नहीं दिखा। इसका कारण यह था कि संपत्तियाँ आस्ट्रेलिया के वित्तीय नियमों और गुप्त कंपनियों के नामों के तहत संरक्षित थीं, जिससे सीधे तौर पर उन पर कार्रवाई मुश्किल थी। यह वित्तीय संरचना इतनी जटिल है कि कई देशों के नियामक इसे आज भी पूरी तरह समझने पर काम कर रहे हैं।
जनता और आलोचना
ईरान में आम लोग आर्थिक कठिनाइयों, महँगाई और बेरोज़गारी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में यह खबर कि सर्वोच्च नेता के बेटे की अरबों डॉलर की विदेशी संपत्ति है, एक बड़े विरोध और सवालों को जन्म देती है। कई लोग इसे राजनीतिक अभिजात वर्ग (elite) और आम जनता के बीच गहरा अंतर दिखाने वाला उदाहरण मान रहे हैं। युवा वर्ग और विरोधी समूह इसे भ्रष्टाचार और भ्रष्ट सम्पत्ति संचय का प्रतीक भी बता रहे हैं।
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