ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। हालांकि दोनों देशों के बीच फिलहाल सीजफायर लागू है, लेकिन लगातार आ रहे आक्रामक बयानों से हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। इसी बीच ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को लेकर बड़ा बयान दिया है। इब्राहिम अजीजी ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान अपनी “रेड लाइन” से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने यूरेनियम एनरिचमेंट, एनरिच किए गए यूरेनियम के अधिकार और होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को ईरान का अधिकार बताया।
ट्रंप पर साधा निशाना
इब्राहिम अजीजी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ट्रंप कभी धमकी देते हैं तो कभी समझौते की बात करते हैं। उनके मुताबिक अमेरिका इस रणनीतिक गतिरोध से निकलने का रास्ता तलाश रहा है, लेकिन ईरान दबाव में आने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज स्ट्रेट के प्रबंधन और प्रतिबंध हटाने जैसे मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करेगा। अजीजी ने यह भी कहा कि दुनिया अब समझ चुकी है कि ट्रंप एक दिन धमकी देते हैं और दूसरे दिन बातचीत की अपील करने लगते हैं।
क्या है होर्मुज स्ट्रेट का महत्व?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक माना जाता है। फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ने वाला यह मार्ग तेल व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में अगर इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो उसका असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ सकता है। यही वजह है कि अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बयानबाजी हमेशा गंभीर मानी जाती है।
ईरान ने परमाणु समझौते पर भी दिए संकेत
इब्राहिम अजीजी के बयान से पहले ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसिन रजाई भी अमेरिका को चेतावनी दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि अगर अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट या फारस की खाड़ी में सैन्य कार्रवाई करता है तो उसे दर्दनाक जवाब मिलेगा। मोहसिन रजाई ने यहां तक कहा कि ईरान परमाणु हथियारों के अप्रसार की संधि यानी NPT से बाहर निकलने पर भी विचार कर सकता है। उनका कहना था कि अगर ईरान इस संधि से अलग हो गया तो अमेरिका के लिए हालात और ज्यादा मुश्किल हो सकते हैं।
दुनिया की नजर अमेरिका-ईरान तनाव पर
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। दोनों देशों के बीच परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंध और मध्य पूर्व में प्रभाव को लेकर लगातार टकराव देखने को मिलता रहा है। हालांकि फिलहाल युद्ध जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन दोनों तरफ से दिए जा रहे सख्त बयान इस बात का संकेत दे रहे हैं कि हालात अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि इसका असर वैश्विक राजनीति और तेल बाजार पर पड़ सकता है।
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