ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
इज़राइल के न्याय मंत्रालय द्वारा गाज़ा में अवैध तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हाल के दिनों में काफी चर्चा का विषय बन गया है। सरकारी अभियोजकों के मुताबिक इस मामले में करीब एक दर्जन लोगों को आरोपी बनाया गया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें इज़राइली सेना के सक्रिय सैनिक और रिज़र्व फोर्स के सदस्य भी शामिल बताए जा रहे हैं। इस खुलासे ने इज़राइल की सुरक्षा व्यवस्था और युद्धकालीन नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
युद्ध के दौरान चल रहा था तस्करी का नेटवर्क
अभियोजकों के अनुसार, आरोपियों ने युद्ध के दौरान गाज़ा में अवैध रूप से लाखों डॉलर के सामान की तस्करी की। इसमें सिगरेट, आईफोन, बैटरियां, कम्युनिकेशन केबल और कार के पुर्जे जैसे कई महंगे और जरूरी सामान शामिल थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपियों को इस बात की पूरी जानकारी थी कि यह सामान हमास और उसके लड़ाकों तक पहुंच सकता है। इसके बावजूद उन्होंने पैसे के लालच में कानून और सुरक्षा नियमों की अनदेखी की।
कमजोर निगरानी का उठाया फायदा
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह अवैध कारोबार इज़राइल-गाज़ा सीमा पर निगरानी में खामियों की वजह से संभव हो पाया। इज़राइली अखबार ‘हाआरेत्ज़’ ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि कुछ सक्रिय ड्यूटी और रिज़र्व सैनिकों की मिलीभगत से यह तस्करी लंबे समय से चल रही थी। बताया जा रहा है कि आधिकारिक नियमों को दरकिनार कर सीलबंद इज़राइली ट्रकों के जरिए महंगे सामान गाज़ा भेजे जाते थे।
आधिकारिक सिस्टम से बाहर भेजा जा रहा था सामान
एसोसिएटेड प्रेस को मिली गाज़ा चैंबर ऑफ कॉमर्स की एक आंतरिक प्रस्तुति में यह जानकारी सामने आई है कि इन ट्रकों को आधिकारिक क्रॉसिंग सिस्टम के बाहर भेजा जाता था। इसके लिए इज़राइल के अज्ञात संपर्कों के जरिए समन्वय किया जाता था। रिपोर्ट के अनुसार, हर शिपमेंट पर अवैध शुल्क लाखों डॉलर तक पहुंच सकता था, जिससे यह तस्करी का धंधा बेहद लाभदायक बन गया था।
शिन बेट प्रमुख के भाई का नाम आने से बढ़ा विवाद
इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब शिन बेट (इज़राइल की घरेलू खुफिया एजेंसी) के प्रमुख डेविड जिनी के भाई बेजालेल जिनी का नाम सामने आया। अभियोजकों का आरोप है कि उन्होंने रिश्वत लेकर सिगरेट की तस्करी में मदद की। हालांकि, अभी तक उन पर औपचारिक आरोप नहीं लगाए गए हैं। उनके वकील ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए साफ इनकार किया है। बावजूद इसके, इस खुलासे ने सुरक्षा एजेंसियों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
संपत्ति जब्त करने की मांग
अभियोजक कार्यालय ने अदालत से आरोपियों की संपत्ति जब्त करने की मांग की है। इसमें गाड़ियां, अचल संपत्ति और नकदी शामिल बताई जा रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि अवैध कमाई से जुटाई गई संपत्ति को जब्त कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही पर उठे सवाल
इस पूरे मामले ने इज़राइल में सेना की जवाबदेही और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर बहस छेड़ दी है। युद्ध के दौरान जहां गाज़ा में मानवीय सहायता तक सख्त नियंत्रण में रखी जाती है, वहीं इस तरह की तस्करी का सामने आना सुरक्षा तंत्र की बड़ी विफलता माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आरोप साबित होते हैं तो यह मामला सेना और सुरक्षा एजेंसियों की छवि को गहरा नुकसान पहुंचा सकता है।
कुल मिलाकर, यह मामला सिर्फ तस्करी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युद्धकाल में नैतिकता, भ्रष्टाचार और सुरक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर बड़ा सवाल बनकर सामने आया है। आने वाले समय में जांच के नतीजे इस पूरे विवाद की दिशा तय करेंगे।
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!