ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
मैक्सिको में ड्रग की दुनिया का बड़ा नाम माने जाने वाले नेमेसियो रुबेन ओसेगुएरा सर्वांटेस, जिसे लोग ‘एल मेंचो’ के नाम से जानते हैं, अब जिंदा नहीं है। वह जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) का सरगना था और उस पर अमेरिका तक ड्रग सप्लाई, खासकर फेंटेनिल जैसी खतरनाक ड्रग की तस्करी के आरोप लगते रहे हैं। उसकी मौत की खबर आते ही मैक्सिको में हालात कुछ घंटों के लिए और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए।
कैसे हुआ ऑपरेशन और कहां मिली भनक?
यह ऑपरेशन 22 फरवरी 2026 को जलिस्को राज्य के पहाड़ी इलाके तपालपा के पास हुआ। सुरक्षा एजेंसियों को लंबे समय से एल मेंचो की तलाश थी, लेकिन वह पकड़ से बाहर रहता था। इस बार उसकी लोकेशन तक पहुंचने की वजह बनी उसकी गर्लफ्रेंड। एजेंसियों ने उसकी गर्लफ्रेंड से जुड़े एक करीबी व्यक्ति की निगरानी शुरू की और उसी ट्रैक के जरिए ठिकाने तक पहुंच गए। 20 फरवरी को वह महिला एक ग्रामीण कंपाउंड में पहुंची, जहां एल मेंचो भी मिलने आया और रात वहीं रुका।
घेराबंदी, गोलीबारी और भागने की कोशिश
अगले दिन जब महिला वहां से चली गई, तो एल मेंचो और उसके बॉडीगार्ड वहीं रुके रहे। इसी दौरान ठोस इनपुट मिलते ही सुरक्षा बलों ने कंपाउंड को घेर लिया। कार्टेल के हथियारबंद लोगों ने फायरिंग शुरू की और एल मेंचो को लेकर जंगल की तरफ भागने की कोशिश हुई। झड़प में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे हेलीकॉप्टर से मेडिकल सुविधा तक ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। इस भिड़ंत में उसके दो बॉडीगार्ड भी मारे गए।
अमेरिका की मदद, लेकिन मैदान में कौन था?
मैक्सिको की सरकार ने यह साफ किया कि ऑपरेशन मैक्सिकन फोर्स ने किया। हां, खुफिया जानकारी के स्तर पर अमेरिकी सहयोग का जिक्र जरूर सामने आया। एल मेंचो लंबे समय से मोस्ट वांटेड रहा, और अमेरिका ने उसकी गिरफ्तारी पर 15 मिलियन डॉलर का इनाम भी घोषित किया था। यही वजह है कि यह मामला सिर्फ मैक्सिको का नहीं, सीमा पार तक असर रखने वाला बन गया।
मौत के बाद कार्टेल का बदला और बवाल
एल मेंचो की मौत की खबर फैलते ही कार्टेल ने बदले की कोशिश की। कुछ ही घंटों के अंदर रोड ब्लॉक, गाड़ियां जलाने, कारोबारियों पर हमले और सुरक्षा बलों पर फायरिंग जैसी घटनाएं सामने आईं। हालात इतने बिगड़े कि जलिस्को में नेशनल गार्ड के कई जवानों की मौत और बड़ी संख्या में संदिग्ध कार्टेल सदस्यों के मारे जाने की बात सामने आई। अलग-अलग इलाकों में गिरफ्तारियां भी हुईं, ताकि हालात काबू में आ सकें।
आगे क्या होगा?
एल मेंचो का खत्म होना ड्रग वॉर का बड़ा मोड़ जरूर है, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। सवाल यह है कि CJNG कमजोर होगा या नया लीडर आकर हिंसा और बढ़ाएगा। सरकार का दावा है कि वह हालात कंट्रोल में रखे हुए है, लेकिन कार्टेल नेटवर्क इतने बड़े हैं कि झटके के बाद भी खतरा बना रहता है। इतना तय है कि इस घटना का असर मैक्सिको की सुरक्षा नीति से लेकर अमेरिका-मेक्सिको ड्रग कंट्रोल सहयोग तक पर पड़ेगा।
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