ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
पाकिस्तान
के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटे कासिम खान ने गुरुवार को जेल में बंद अपने
पिता की असलियत को लेकर बड़ा सवाल उठाया। कासिम ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उनके
पिता जिंदा हैं या नहीं। उन्होंने बताया कि इमरान खान को 845 दिन पहले गिरफ्तार किया
गया था और पिछले छह हफ्तों से उन्हें एक ‘डेथ सेल’ में रखा गया है। परिवार और पार्टी
को उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जा रही।
परिवार और PTI नेताओं की चिंताएं
कासिम खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उनकी बुआओं को भी पिता से मिलने नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि यह किसी सुरक्षा कारण से नहीं बल्कि जानबूझकर किया जा रहा है। परिवार का कहना है कि सरकार इमरान खान की असली हालत छिपा रही है।
इसी
बीच, खैबर-पख्तूनख्वा (KP) के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी भी रावलपिंडी की अडियाला जेल
गए, लेकिन उन्हें पुलिस ने सड़क पर गिराकर पीटा। अफरीदी ने कहा कि इमरान खान तक पहुंच
रोकना और उनकी हालत छिपाना लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन है।
जेल
प्रशासन और परिवार का संघर्ष
इमरान
की बहनें और पार्टी के नेताओं ने कई हफ्तों से उनसे मिलने की कोशिश की, लेकिन जेल प्रशासन
ने अनुमति नहीं दी। इससे सोशल मीडिया पर अफवाहें तेज हो गईं और यह दावा किया जाने लगा
कि इमरान खान की जान को खतरा है।
नोरेन
नियाजी, इमरान की बहन, ने बताया कि पहले से तय मुलाकात को भी नहीं होने दिया गया। उन्होंने
कहा कि पुलिस को आदेश दिए गए हैं कि परिवार को रोकें और उनके साथ मनमाना बर्ताव करें।
इस वजह से परिवार और समर्थकों में भय और असंतोष फैल गया है।
सरकार
और PTI के बीच टकराव
PTI
ने आरोप लगाया कि विदेशी सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए इमरान खान की मौत की अफवाहें
फैलाई जा रही हैं। पार्टी ने कहा कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवाधिकारों का उल्लंघन
है। PTI ने चेतावनी दी कि अगर इमरान खान को कोई अनहोनी हुई, तो इसकी जिम्मेदारी पूरी
तरह सरकार पर होगी।
दूसरी
ओर, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा कि जेल में इमरान खान की सुविधाएँ बेहतर हैं।
उनके पास टीवी, जिम इक्विपमेंट और मखमली बिस्तर है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों की
देखभाल के कारण इमरान की हालत ठीक है।
अदालत
ने भी परिवार से मुलाकात का आदेश दिया
मार्च
2025 में इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने इमरान खान को परिवार और वकीलों से नियमित मुलाकात
की मंजूरी दी थी। अक्टूबर 2025 में अदालत ने मुलाकातें बहाल करने का निर्देश दोबारा
दिया। बावजूद इसके जेल प्रशासन अभी तक आदेश का पालन नहीं कर रहा।
इमरान खान की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर जारी विवाद पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव और सामाजिक असुरक्षा को उजागर करता है। परिवार, पार्टी और समर्थकों की चिंताएं बढ़ रही हैं। देश और दुनिया की निगाहें अब इस पर हैं कि सरकार और जेल प्रशासन इन गंभीर आरोपों का सही समाधान कैसे करेंगे।
Jan 12, 2026
Read More
Jan 12, 2026
Read More
Jan 12, 2026
Read More
Jan 12, 2026
Read More
Jan 12, 2026
Read More
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!