ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने इजरायल दौरे पर पहुंच चुके हैं। एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया गया, जिसके बाद उन्होंने इजरायल की संसद को संबोधित किया। यह दौरा भारत-इजरायल संबंधों के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। संसद में पीएम मोदी के सम्मान में जिस तरह का माहौल बना, उसने दोनों देशों की दोस्ती की गहराई को साफ तौर पर दिखा दिया।
नेतन्याहू ने कहा – ‘दोस्त से बढ़कर भाई’
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने संसद में पीएम मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, “नरेंद्र मोदी, मेरे प्रिय दोस्त… ये महज़ शब्द नहीं हैं। मैं तो यह भी कह सकता हूं कि दोस्त से बढ़कर भाई।”
नेतन्याहू ने याद किया कि पिछली यात्रा के दौरान दोनों नेता भूमध्य सागर के तट पर साथ टहले थे। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि इजरायली तकनीक की मदद से समुद्र के पानी को शुद्ध करने की चर्चा भी हुई थी। उनके शब्दों से साफ था कि दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत रिश्ते भी काफी मजबूत हैं।
‘भारत हमारा महान दोस्त है’
इजरायली संसद Knesset में बोलते हुए नेतन्याहू ने कहा, “भारत हमारा महान दोस्त है।” उन्होंने पीएम मोदी की वैश्विक नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए कहा कि आज इजरायल की धरती पर एक ऐसे नेता मौजूद हैं, जो विश्व मंच पर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
नेतन्याहू ने कहा कि लगभग 80 साल पहले भारत और इजरायल दोनों ने ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता पाई। दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखते हैं और कई चुनौतियों का सामना करते हुए अपने लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखा है।
संसद में गूंजा ‘नमस्ते मोदी’
जब पीएम मोदी संसद पहुंचे तो उनका जोरदार स्वागत हुआ। सदन में ‘मोदी-मोदी’ के नारे लगे और ‘नमस्ते मोदी’ कहकर उनका अभिनंदन किया गया। यह दृश्य अपने आप में खास था, क्योंकि किसी विदेशी नेता के लिए ऐसा उत्साह कम ही देखने को मिलता है।
संसद के स्पीकर अमीर ओहाना ने हिंदी में उनका स्वागत करते हुए कहा, “प्राइम मिनिस्टर मोदी, जेरूसलम में आपका स्वागत है, क्नेसेट में आपका स्वागत है।” यह क्षण दोनों देशों की सांस्कृतिक निकटता का प्रतीक बन गया।
भारतीय प्रतिनिधिमंडल भी रहा मौजूद
इस ऐतिहासिक मौके पर संसद की दर्शक दीर्घा में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी मौजूद रहे। उनकी मौजूदगी ने इस दौरे की कूटनीतिक अहमियत को और रेखांकित किया।
मजबूत होते रिश्तों का संकेत
पीएम मोदी का यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक यात्रा नहीं, बल्कि रणनीतिक और भावनात्मक दोनों स्तर पर महत्वपूर्ण है। रक्षा, कृषि, साइबर सुरक्षा और तकनीक जैसे क्षेत्रों में भारत-इजरायल सहयोग पहले से मजबूत है। इस दौरे के बाद इन रिश्तों को और नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर, संसद में मिला गर्मजोशी भरा स्वागत और नेतन्याहू के शब्द यह बताते हैं कि भारत और इजरायल की दोस्ती अब केवल कूटनीतिक संबंध नहीं, बल्कि भरोसे और साझेदारी का मजबूत रिश्ता बन चुकी है।
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