ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों इजरायल के दौरे पर हैं। इस यात्रा के दौरान भारत-इजरायल संबंधों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खासा ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे समय में जब पाकिस्तान इस दोस्ती पर लगातार प्रतिक्रिया देता रहा है, पीएम मोदी की एक नई तस्वीर ने राजनीतिक हलकों में और चर्चा बढ़ा दी है।
बुधवार (25 फरवरी 2025) को पीएम मोदी ने इजरायल की संसद को संबोधित किया। कार्यक्रम के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक फोटो साझा की, जिसमें वे इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के साथ एक ही कार में बैठे नजर आ रहे हैं। पीएम मोदी ने बताया कि संसद में भाषण के बाद वे दोनों एक टेक्नोलॉजी प्रदर्शनी देखने म्यूजियम जा रहे थे।
नेसेट में ऐतिहासिक संबोधन
पीएम मोदी ने इजरायल की संसद Knesset को संबोधित किया। यह किसी भी भारतीय प्रधानमंत्री का वहां पहला औपचारिक संबोधन बताया जा रहा है। अपने भाषण में उन्होंने भारत और इजरायल के लोकतांत्रिक मूल्यों, तकनीकी सहयोग और सुरक्षा साझेदारी का जिक्र किया।
संसद में उनके भाषण के दौरान सांसदों ने उनका जोरदार स्वागत किया। यहां तक कि विपक्षी नेताओं ने भी खुले दिल से उनका अभिनंदन किया। पीएम मोदी ने इस मौके को दोनों देशों की अटूट मित्रता का प्रतीक बताया।
सर्वोच्च सम्मान से नवाजे गए
संसद में संबोधन के तुरंत बाद पीएम मोदी को “स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल” से सम्मानित किया गया। यह इजरायल के सर्वोच्च सम्मानों में से एक माना जाता है। संसद अध्यक्ष अमीर ओहाना ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया।
पीएम मोदी ने इस सम्मान के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पुरस्कार सिर्फ उनके लिए नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि यह दोनों लोकतांत्रिक देशों के मजबूत रिश्तों की पहचान है।
इजरायल और फिलिस्तीन दोनों से सम्मान
प्रधानमंत्री मोदी उन चुनिंदा वैश्विक नेताओं में शामिल हो गए हैं जिन्हें इजरायल और फिलिस्तीन—दोनों की ओर से उच्च सम्मान प्राप्त हुआ है। साल 2018 में उन्हें फिलिस्तीन राज्य के सर्वोच्च सम्मान “ग्रैंड कॉलर ऑफ द स्टेट ऑफ पलेस्टाइन” से नवाजा गया था। यह विदेशी हस्तियों को दिया जाने वाला फिलिस्तीन का सर्वोच्च पुरस्कार है।
इस तरह पीएम मोदी का यह दौरा कूटनीतिक संतुलन और वैश्विक प्रतिष्ठा दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
टेक्नोलॉजी सहयोग पर जोर
पीएम मोदी और नेतन्याहू की मुलाकात में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन पर विशेष जोर रहा। दोनों नेता संसद के कार्यक्रम के बाद एक प्रदर्शनी देखने गए, जहां तकनीकी प्रगति को प्रदर्शित किया गया था।
भारत और इजरायल के बीच रक्षा, कृषि, साइबर सुरक्षा और स्टार्टअप सेक्टर में पहले से ही सहयोग है। इस दौरे से उम्मीद है कि इन क्षेत्रों में साझेदारी और मजबूत होगी।
वैश्विक मंच पर बढ़ती प्रतिष्ठा
इजरायल दौरे के दौरान मिली गर्मजोशी और सम्मान ने पीएम मोदी की अंतरराष्ट्रीय छवि को और मजबूत किया है। संसद में नारे लगना और विभिन्न दलों के नेताओं द्वारा स्वागत किया जाना इस बात का संकेत है कि भारत-इजरायल संबंध एक नए स्तर पर पहुंच चुके हैं।
कुल मिलाकर, यह दौरा न सिर्फ कूटनीतिक दृष्टि से अहम है, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका का भी प्रतीक है।
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