ज़मीन से जुड़ी सोच और सच्ची खबरें
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मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी सेना की खुलकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा युद्ध में अमेरिका और उसके सहयोगी देश काफी मजबूत स्थिति में हैं। ट्रंप ने यहां तक कहा कि अगर इस युद्ध में प्रदर्शन को 10 में से रेटिंग देनी हो, तो वह अमेरिकी सेना को 15 अंक देंगे।
‘युद्ध के मोर्चे पर हम बेहतरीन साबित हुए’
ट्रंप ने यह बयान व्हाइट हाउस में टेक्नोलॉजी कंपनियों के बड़े अधिकारियों से बातचीत के दौरान दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध के मैदान में अमेरिका का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा है।
ट्रंप ने कहा, “अगर कोई मुझसे पूछे कि 10 में से कितना स्कोर दोगे, तो मैं 15 दूंगा। हमारी सेना बहुत अच्छा काम कर रही है।” उनके इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि अमेरिका खुद को इस संघर्ष में आगे मान रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि इस समय अमेरिका एक मजबूत रणनीतिक स्थिति में है और ईरान की नेतृत्व क्षमता तेजी से कमजोर हो रही है।
ईरान की नेतृत्व क्षमता पर भी साधा निशाना
ट्रंप ने ईरान की नेतृत्व व्यवस्था पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो भी नया नेता बनने की कोशिश करता है, वह ज्यादा समय तक टिक नहीं पाता। ट्रंप के मुताबिक, “ईरान की लीडरशिप तेजी से खत्म हो रही है। जो भी नेतृत्व संभालने की कोशिश करता है, वह मर जाता है।” यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान के साथ युद्ध लगातार पांचवें दिन भी जारी है और मिडिल ईस्ट के कई हिस्सों में तनाव बना हुआ है।
ईरान की मिसाइल ताकत खत्म करना अमेरिका का लक्ष्य
अमेरिका का कहना है कि इस पूरे सैन्य अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमता और सैन्य ढांचे को कमजोर करना है। खबरों के मुताबिक हाल ही में अमेरिकी पनडुब्बी ने श्रीलंका के पास ईरान के एक युद्धपोत को भी निशाना बनाया और उसे डुबो दिया।
पेंटागन का कहना है कि इस ऑपरेशन के जरिए ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। ट्रंप ने भी इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि ईरान की मिसाइलों का भंडार तेजी से कम होता जा रहा है।
न्यूक्लियर हथियारों को लेकर जताई चिंता
ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर चिंता जताई। उनका कहना है कि अगर परमाणु हथियार गलत लोगों के हाथ में चले जाएं तो यह पूरी दुनिया के लिए खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा, “पागल लोगों के हाथ में न्यूक्लियर हथियार पड़ जाएं तो बहुत बुरा होता है। इसलिए कार्रवाई जरूरी थी।”
जंग जारी रखने का संकेत
अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई अभी भी जारी है। ट्रंप ने साफ कर दिया कि अमेरिका इस अभियान को जारी रखेगा और पीछे हटने का सवाल नहीं है। उन्होंने कहा कि लगातार हो रहे हमलों के कारण ईरान की सैन्य ताकत काफी कमजोर हो चुकी है। हालांकि ट्रंप प्रशासन ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि युद्ध खत्म होने के बाद ईरान के साथ अमेरिका की रणनीति क्या होगी।
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लेविट के अनुसार, ट्रंप इस बात पर विचार कर रहे हैं कि युद्ध समाप्त होने के बाद अमेरिका ईरान में किस तरह की भूमिका निभाएगा। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें इस संघर्ष पर टिकी हुई हैं और यह देखना बाकी है कि आने वाले दिनों में यह युद्ध किस दिशा में जाता है
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